क्या यूक्रेन पर रूस के हमले का खतरा बढ़ रहा है? जानें ताजा हालात
कीव में बढ़ते तनाव के संकेत
कीव: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। रूस ने संकेत दिए हैं कि वह आने वाले दिनों में कीव पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है। इसके साथ ही, मॉस्को ने विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को यूक्रेन की राजधानी छोड़ने की सलाह दी है। इस चेतावनी ने पूरे यूरोप में चिंता की लहर पैदा कर दी है और युद्ध के और भयानक होने की आशंका को बढ़ा दिया है। ऐसे में आने वाले दिन यूक्रेन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
रूस की नई रणनीति
रूसी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी सेना अब कीव में यूक्रेन के रक्षा ढांचे और ड्रोन निर्माण स्थलों को निशाना बनाएगी। रूस का आरोप है कि यूक्रेन लगातार ड्रोन हमलों के माध्यम से रूसी क्षेत्रों को लक्षित कर रहा है, जिसके जवाब में अब जवाबी कार्रवाई की जाएगी। रूस के अनुसार, कीव में कई सैन्य केंद्र और ड्रोन संचालन से संबंधित सुविधाएं मौजूद हैं, जिन पर 'सुनियोजित और लगातार' हमले किए जाएंगे। इसके अलावा, मॉस्को ने नाटो देशों पर आरोप लगाया है कि वे यूक्रेन को तकनीकी सहायता और हथियारों में मदद कर रहे हैं।
विदेशियों के लिए चेतावनी
रूस की ओर से जारी बयान में विदेशी नागरिकों, दूतावास के कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में कार्यरत लोगों को कीव छोड़ने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, आम नागरिकों को सैन्य और प्रशासनिक स्थलों के आसपास जाने से बचने की चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी ने कीव में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि लोगों को आशंका है कि रूस बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर सकता है।
ड्रोन हमलों का प्रभाव
हाल के महीनों में, यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक का तेजी से उपयोग किया है। रूस का दावा है कि स्टारोबिलस्क क्षेत्र में हुए एक बड़े ड्रोन हमले में 18 लोगों की मौत हुई और 42 लोग घायल हुए। इसी घटना के बाद रूस ने अपनी आक्रामकता बढ़ा दी है। मॉस्को ने इन हमलों को 'आतंकवादी कार्रवाई' करार दिया है और इसके जवाब में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और सैन्य केंद्रों पर लगातार मिसाइल हमले कर रहा है।
रूस और अमेरिका के बीच बातचीत
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस मुद्दे पर बातचीत की। रूस ने अमेरिका को बताया कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की जा रही है। रूस का कहना है कि उनका निशाना केवल वे केंद्र हैं, जिनका उपयोग यूक्रेनी सेना कर रही है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने रूस के इन दावों पर सवाल उठाए हैं।
यूक्रेन की सैन्य सहायता की मांग
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि देश को एयर डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की तकनीक की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी रक्षा क्षमता को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में हवाई सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है और उन्होंने एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम की कमी की बात भी की।
