चीन और उत्तर कोरिया के रिश्तों में नई गर्माहट: किम जोंग उन से वांग यी की मुलाकात
नई दिल्ली में चीन-उत्तर कोरिया संबंधों की नई दिशा
नई दिल्ली: उत्तर कोरिया और चीन के बीच संबंधों में एक बार फिर से गर्माहट देखने को मिली है। हाल ही में प्योंगयांग में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की।
इस दौरान, वांग यी ने वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 9वीं कांग्रेस और डीपीआरके की 15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली के सफल आयोजन पर चीन की ओर से बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किम जोंग उन के नेतृत्व में उत्तर कोरिया निरंतर प्रगति करेगा और समाजवादी विकास के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।
चीन के राष्ट्रपति का विशेष संदेश
इस मुलाकात में वांग यी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विशेष संदेश भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल सितंबर में किम जोंग उन का चीन दौरा महत्वपूर्ण था, जिसने दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत को नई दिशा दी। वांग यी के अनुसार, उस ऐतिहासिक मुलाकात ने चीन और उत्तर कोरिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया।
किम जोंग उन की प्रतिक्रिया
किम जोंग उन ने वांग यी और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और शी जिनपिंग को शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने कहा कि चीन यात्रा के दौरान हुई मुलाकात की यादें उनके लिए विशेष हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उस बैठक में जो समझौते हुए थे, उन्हें अब लागू किया जा रहा है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत और व्यावहारिक बन गए हैं।
दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
उत्तर कोरिया ने स्पष्ट किया है कि वह चीन के साथ मिलकर अपने समाजवादी लक्ष्यों को आगे बढ़ाना चाहता है। वर्कर्स पार्टी की 9वीं कांग्रेस में निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। इसमें उच्च स्तर पर बातचीत बढ़ाना, रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना और एक-दूसरे का समर्थन करना शामिल है। दोनों देश अपने-अपने विकास मॉडल को आगे बढ़ाते हुए साझेदारी को और गहरा करना चाहते हैं।
इस मुलाकात में केवल द्विपक्षीय संबंधों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति पर भी विचार-विमर्श किया गया। उत्तर कोरिया ने कहा कि वह चीन के साथ मिलकर दुनिया में स्थिरता बनाए रखने में योगदान देना चाहता है। दोनों देशों का मानना है कि आपसी सहयोग और मजबूत रिश्ते न केवल उनके नागरिकों के लिए लाभकारी होंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
