चीन का मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए विशेष दूत भेजने का निर्णय
चीन ने अपने विशेष दूत झाई जून को मध्य पूर्व भेजने की योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना है। चीनी विदेश मंत्रालय ने संवाद और बातचीत को विवादों के समाधान का एकमात्र प्रभावी तरीका बताया है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की प्रतिक्रिया ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानें इस मुद्दे पर चीन की कूटनीतिक पहल और क्षेत्रीय स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
| Mar 5, 2026, 17:40 IST
चीन का मध्य पूर्व में विशेष दूत भेजने का ऐलान
चीन ने गुरुवार को यह जानकारी दी कि वह अपने विशेष दूत झाई जून को जल्द ही मध्य पूर्व भेजेगा। यह कदम क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच तनाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन का मानना है कि विवादों का समाधान संवाद और बातचीत के माध्यम से ही संभव है, और संघर्ष का बढ़ना किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं है। उन्होंने बताया कि झाई जून की नियुक्ति का उद्देश्य तनाव को कम करने के लिए सक्रिय प्रयास करना है।
संघर्ष का समाधान संवाद में है
माओ निंग ने कहा कि चीन सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग से तनाव कम करने के लिए सहमति बनाने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बीजिंग मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चिंतित है और हाल के दिनों में कई देशों के साथ संपर्क में रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
यह बयान उस समय आया है जब शनिवार को ईरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ हस्तियों की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने कई अरब देशों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी है, और यह संघर्ष अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। तेहरान के हमलों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया है। इजरायल ने भी तेहरान पर हमले जारी रखते हुए संघर्ष को लेबनान तक फैला दिया है।
चीन की कूटनीतिक पहल
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री वांग यी ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए रूस, ईरान, ओमान, फ्रांस, इजरायल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अपने समकक्षों से फोन पर बातचीत की। इस चर्चा में वांग ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के मनमाने उपयोग को अस्वीकार करने का आह्वान किया।
