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चीन की परमाणु ताकत में वृद्धि: नई रिपोर्ट से खुलासा

चीन ने सिचुआन प्रांत में एक नई न्यूक्लियर फैसिलिटी स्थापित की है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने स्थानीय निवासियों को हटाकर वहां एक बड़ा एटमी ढांचा तैयार किया है। इस परियोजना के तहत कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। अमेरिका ने चीन के इस कदम पर चिंता जताई है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खुलासा हुआ है।
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चीन की परमाणु ताकत में वृद्धि: नई रिपोर्ट से खुलासा

मिडिल ईस्ट में बढ़ती तनाव और चीन की परमाणु योजनाएँ

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच। ट्रंप प्रशासन के पास इस संकट से बाहर निकलने का कोई स्पष्ट योजना नहीं है। इस बीच, चीन अपनी परमाणु क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है। हाल ही में जिनपिंग के परमाणु कार्यक्रम के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसने पेंटागन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने सिचुआन प्रांत के एक गांव से निवासियों को हटाकर वहां एक न्यूक्लियर वेपन फैसिलिटी स्थापित की है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि चीन दशकों से अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण पर काम कर रहा है, जिसमें छोटे न्यूक्लियर हथियारों का निर्माण और उन्हें लॉन्च करने की सुविधाएं शामिल हैं। हाल ही में सेटेलाइट तस्वीरों ने इस गुप्त परियोजना का खुलासा किया है।


न्यूक्लियर फैसिलिटी का निर्माण और सुरक्षा उपाय

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने उस गांव की भूमि को समतल कर दिया और वहां न्यूक्लियर वेपन फैसिलिटी का निर्माण किया। इस परियोजना के लिए कई नई इमारतें बनाई गई हैं, जहां आम लोगों का जाना प्रतिबंधित है। यह ढांचा लगभग 36,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है और इसे कंक्रीट और स्टील से बनाया गया है। इसमें रेडिएशन मॉनिटरिंग और ब्लास्ट प्रूफ दरवाजे लगाए गए हैं।


इसके अलावा, हवा को नियंत्रित करने वाले उपकरण भी स्थापित किए गए हैं, जो यूरेनियम और प्लूटोनियम को सुरक्षित रखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। चीन ने इस योजना पर 2022 में काम करना शुरू किया और स्थानीय निवासियों को उनके घरों से निकाल दिया। जब लोगों ने इस पर सवाल उठाए, तो उन्हें स्टेट सीक्रेट का हवाला देकर चुप करवा दिया गया।


चीन का एटमी मिशन और वैश्विक खतरे

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने अपने एटमी मिशन के लिए लगभग 600 इमारतों को ध्वस्त कर दिया है और उनकी जगह नई इमारतें बनाई हैं, जिनका 70% काम पूरा हो चुका है। इस स्थान को साइट 906 नाम दिया गया है। हाल की सेटेलाइट तस्वीरें इस साइट पर तेजी से चल रहे काम को दर्शाती हैं।


चीन परमाणु हथियारों की दौड़ में सबसे आगे निकलने की कोशिश कर रहा है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। चीन की विस्तारवादी नीति, ताइवान पर उसकी रणनीति और अमेरिका के साथ टकराव की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।