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चीन के युद्धपोतों की ताइवान में घुसपैठ: क्या बढ़ रहा है तनाव?

चीन के युद्धपोतों की ताइवान में घुसपैठ ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। ताइवान ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और अपनी नौसेना को सक्रिय किया है। चीन की सैन्य गतिविधियों पर ताइवान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और ताइवान की स्थिति क्या है।
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चीन के युद्धपोतों की ताइवान में घुसपैठ: क्या बढ़ रहा है तनाव?

दुनिया में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: वर्तमान में वैश्विक स्तर पर संघर्ष और प्रभुत्व की लड़ाई चल रही है। एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है। हाल ही में ताइवान ने जानकारी दी है कि पेंघु द्वीप समूह के निकट चीन के दो युद्धपोत देखे गए हैं, जिसके बाद ताइवान ने तुरंत सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।


चीन के युद्धपोतों की गतिविधि

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार की रात बताया कि पेंघु द्वीपों के दक्षिण-पश्चिम समुद्री क्षेत्र में चीन का एक डिस्ट्रॉयर और एक फ्रिगेट देखा गया। मंत्रालय ने इन जहाजों की हवाई तस्वीरें भी साझा की हैं, लेकिन उनकी सटीक स्थिति का खुलासा नहीं किया गया।


चीन के युद्धपोतों की गतिविधियों को देखते हुए ताइवान ने अपनी नौसेना और वायुसेना को सक्रिय कर दिया। ताइवानी सेना ने कहा कि उन्होंने चीनी जहाजों पर कड़ी नजर रखी और आवश्यकतानुसार जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, इस कार्रवाई के विवरण का खुलासा नहीं किया गया।


चीन की घुसपैठ से ताइवान की चिंता

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और नियमित रूप से ताइवान के चारों ओर युद्धपोत और लड़ाकू विमान भेजता है। ताइवान सरकार इस पर लगातार विरोध करती है, लेकिन चीन अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखता है। आमतौर पर, ताइवान रक्षा मंत्रालय चीनी विमानों की गतिविधियों की जानकारी देता है, लेकिन युद्धपोतों के बारे में कम ही जानकारी साझा करता है।


हालांकि, इस बार दो युद्धपोतों की घुसपैठ पर ताइवान ने खुलकर जानकारी दी है। माना जा रहा है कि चीन ताइवान स्ट्रेट में अपनी सैन्य ताकत को और बढ़ाना चाहता है।


चीन के दावों का ताइवान ने किया खंडन

इस महीने की शुरुआत में, चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ताइवान के आसपास उसकी सैन्य गतिविधियां "पूर्णतः उचित और न्यायसंगत" हैं। चीन ने तनाव के लिए ताइपे सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इसके जवाब में, ताइवान ने बीजिंग के संप्रभुता के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।


ताइवान का कहना है कि द्वीप का भविष्य तय करने का अधिकार केवल वहां के निवासियों को है। फिलहाल, पेंघु द्वीप के पास हुई इस ताजा घटना पर चीन के रक्षा मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।