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चीन ने अमेरिका पर वेनेजुएला को लेकर कड़ा रुख अपनाया

चीन ने अमेरिका के खिलाफ वेनेजुएला के मामले में कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रिहाई की मांग की गई है। इस विवाद ने वैश्विक राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। चीन का कहना है कि अमेरिका की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। जानें इस मुद्दे के पीछे की जटिलताएं और इसके संभावित वैश्विक प्रभाव।
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चीन ने अमेरिका पर वेनेजुएला को लेकर कड़ा रुख अपनाया

चीन का अमेरिका के प्रति कड़ा बयान

वैश्विक राजनीति में हो रहे त्वरित परिवर्तनों के बीच, चीन ने वेनेजुएला के मामले में अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बीजिंग से आई आधिकारिक प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक संवेदनशील बना दिया है.


चीन का विदेश मंत्रालय का बयान

चीन के विदेश मंत्रालय ने 4 जनवरी 2026 को एक बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मामले का समाधान बातचीत और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए.


अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

चीन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और स्थापित वैश्विक मानदंडों का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय का कहना है कि किसी संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई वैश्विक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकती है.


चीन की अपील

चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह वेनेजुएला की सरकार को गिराने की कोशिशें बंद करे और वहां के राजनीतिक संकट को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए कदम उठाए। अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानते हुए, चीन ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है.


वेनेजुएला की स्थिति

वेनेजुएला लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। अमेरिका और चीन के बीच इस मुद्दे के बढ़ने से यह केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक भू-राजनीतिक टकराव का हिस्सा बनता जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस पर संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है, जो वैश्विक कूटनीति की दिशा को प्रभावित कर सकती है.