चीन ने ट्रम्प के ईरान पर कड़े बयानों पर दी प्रतिक्रिया, बढ़ा तनाव
चीन की तीखी प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के खिलाफ हालिया आक्रामक टिप्पणियों पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान पर 'कड़ा प्रहार' करेगा और उसे 'पाषाण युग में वापस भेज देगा।' इस बयान ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है।
चीन का संदेश
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने गुरुवार को कहा कि किसी भी विवाद का समाधान सैन्य बल से नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष को बढ़ावा देना किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं है और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की।
ट्रम्प का सख्त रुख
ट्रम्प ने अपने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले कुछ हफ्तों में निर्णायक सैन्य कदम उठा सकता है। ट्रम्प के अनुसार, यह अभियान ईरान से उत्पन्न 'खतरनाक खतरे' को समाप्त करने के लिए है, जिसे उन्होंने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया।
सैन्य और कूटनीति का संयोजन
ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में अमेरिका और उसके सहयोगियों ने कई प्रगति की है। उनके अनुसार, बातचीत और हमले दोनों एक साथ चलते रहेंगे ताकि स्थायी समाधान तक पहुंचा जा सके।
तेहरान की सत्ता संरचना पर प्रभाव
इसके अलावा, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियानों के कारण तेहरान की सत्ता संरचना प्रभावित हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता परिवर्तन उनका आधिकारिक लक्ष्य नहीं था, लेकिन हालात ऐसे बने कि ईरान के कई प्रमुख नेता अब जीवित नहीं हैं, जिससे नेतृत्व कमजोर हुआ है।
