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जापान की नई सैन्य नीति: हथियार निर्यात पर बैन हटाया गया

जापान ने अपनी शांतिवादी नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए हथियार निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। यह निर्णय चीन और उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रामकता के कारण लिया गया है। अब जापान युद्धपोत, ड्रोन, और अन्य सैन्य उपकरणों का उत्पादन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकेगा। भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए हाल ही में टोक्यो में महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और भारत के लिए क्या नए अवसर खुलते हैं।
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जापान की नई सैन्य नीति: हथियार निर्यात पर बैन हटाया गया

जापान की ऐतिहासिक सैन्य नीति में बदलाव

जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से चली आ रही अपनी शांतिवादी नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। उसने घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। प्रधानमंत्री सानेका ईची की कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि जापान अब युद्धपोत, लड़ाकू ड्रोन, मिसाइलें, फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों का उत्पादन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकेगा। यह बदलाव चीन और उत्तर कोरिया की बढ़ती आक्रामकता के चलते किया गया है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने कहा कि यह नई नीति तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य में जापान की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति में योगदान देगी। जबकि चीन ने इस पर विरोध जताया है, ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप जैसे देशों ने इसका स्वागत किया है।


भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग

इस बीच, 22 से 24 अप्रैल 2026 को टोक्यो में आठवीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ टॉक्स का आयोजन किया गया। भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच गहन चर्चा हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य रक्षा सहयोग को मजबूत करना था। भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा कि इन चर्चाओं में द्विपक्षीय अभ्यासों और एसएमई आदान-प्रदान को बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारतीय सेना ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि दोनों पक्ष प्री ओपन और इंक्लूसिव इंडोपेसिफिक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।


जापान का सैन्य पुनरुत्थान

जापान एक बार फिर से एक आधुनिक और हाईटेक सैन्य शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ल्ड वॉर टू में उसकी नौसेना दुनिया की सबसे ताकतवर थी, लेकिन अब वह भारत का विश्वसनीय मित्र बन चुका है। जापान ने हथियार निर्यात पर से बैन हटाने का निर्णय लिया है, जिससे भारत को कई उन्नत हथियारों की खरीद का अवसर मिलेगा। इनमें ईजुमो क्लास हेलीकॉप्टर कैरियर, सोरियो क्लास पनडुब्बी, कांगो क्लास मिसाइल डिस्ट्रॉयर, एडवांस हेलीकॉप्टर और F35 स्टील फाइटर जेट शामिल हैं।