ट्रंप के वीजा बैन से पाकिस्तान में हड़कंप, मुनीर और शहबाज की उम्मीदें टूटीं
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज को ट्रंप द्वारा दिए गए वीजा बैन के झटके ने हड़कंप मचा दिया है। 21 जनवरी से पाकिस्तान के नागरिक अमेरिका का वीजा नहीं ले सकेंगे, जिससे उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। ट्रंप के इस फैसले ने पाकिस्तान की स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है, खासकर जब भारत इस सूची में शामिल नहीं है। जानें इस घटनाक्रम का पाकिस्तान पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
| Jan 16, 2026, 11:17 IST
पाकिस्तान में ट्रंप का झटका
पाकिस्तानी फील्ड मार्शल मुनीर और उनके सहयोगियों को ट्रंप द्वारा दिया गया झटका बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यह झटका इतना बड़ा है कि पाकिस्तानियों का अमेरिकी सपना अब हमेशा के लिए अधूरा रह जाएगा। मुनीर का दिल टूट गया है, जबकि शहबाज आंसू बहा रहे हैं, क्योंकि ट्रंप ने उन्हें धोखा दिया है। मुनीर, जो दिन-रात ट्रंप की चापलूसी कर रहे थे, अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पाकिस्तान ने ट्रंप को रिझाने के लिए कई प्रयास किए, जैसे कि उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करना और मुनीर को सेल्समैन बनाना। शहबाज ने विदेशों में ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप ने उन्हें उनकी असली स्थिति दिखा दी।
वीजा बैन का प्रभाव
ट्रंप ने पाकिस्तान पर वीजा बैन लगा दिया है, जिसका मतलब है कि 21 जनवरी के बाद से कोई भी पाकिस्तानी अमेरिका का वीजा नहीं ले सकेगा। यह बैन 75 देशों पर लागू किया गया है, जिसमें बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल और भूटान भी शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि इन देशों के लोग अमेरिकी जनता के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब पाकिस्तान की जनता इस स्थिति से परेशान है, क्योंकि मुनीर ने ट्रंप को खुश करने के लिए देश को दांव पर लगा दिया था।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तानी लोगों के लिए वीजा बैन का दुख और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस सूची में भारत का नाम नहीं है। ट्रंप ने पाकिस्तान को उसकी वास्तविकता दिखाई है, जबकि मुनीर के सहयोगी जनरल हाल ही में यह दावा कर रहे थे कि पाकिस्तान की दुनिया में बड़ी इज्जत है। हालांकि, सच्चाई यह है कि पाकिस्तान की पहचान भिखारस्तान, आतंकिस्तान और कंगालिस्तान के रूप में ही बनी हुई है।
