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ट्रंप-शी वार्ता में तनाव: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुश्किलें बढ़ीं

बीजिंग में ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान कई तनावपूर्ण घटनाएं घटीं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को चीनी अधिकारियों द्वारा सख्त सुरक्षा उपायों का सामना करना पड़ा, जिसमें पत्रकारों को रोका जाना और मीडिया पर पाबंदियां शामिल थीं। इस दौरे के दौरान हुई घटनाओं ने 2017 के तनाव को भी ताजा कर दिया। जानें इस वार्ता में क्या-क्या हुआ और अमेरिकी टीम ने कैसे इन चुनौतियों का सामना किया।
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ट्रंप-शी वार्ता में तनाव: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुश्किलें बढ़ीं

बीजिंग में उच्चस्तरीय वार्ता का तनावपूर्ण माहौल


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान कई घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने दो दिवसीय शिखर बैठक को तनावपूर्ण बना दिया। पत्रकारों, सुरक्षा अधिकारियों और दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच टकराव ने पूरे दौरे का माहौल गर्म कर दिया।


सख्त सुरक्षा उपायों से नाराजगी

गुरुवार को ट्रंप और शी चिनफिंग के आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान चीनी अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा और सख्त नियंत्रण लागू किए। इन प्रतिबंधों के कारण अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और मीडिया टीम में नाराजगी देखी गई। कई मौकों पर अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।


व्हाइट हाउस स्टाफ को लगी चोट

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहला बड़ा विवाद तब उत्पन्न हुआ जब ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक चल रही थी। इस दौरान बड़ी संख्या में चीनी पत्रकार कार्यक्रम स्थल की ओर तेजी से बढ़े, जिससे वहां मौजूद व्हाइट हाउस के एक एडवांस स्टाफ सदस्य को धक्का लगा और वह गिर पड़ा। हालांकि, उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने चीनी मीडिया टीम के आक्रामक व्यवहार पर नाराजगी जताई।


टेंपल ऑफ हेवन में सुरक्षा विवाद

तनाव उस समय और बढ़ गया जब बीजिंग के टेंपल ऑफ हेवन में चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट को अंदर जाने से रोक दिया। एजेंट के पास हथियार था, जो राष्ट्रपति की सुरक्षा टीम के लिए सामान्य प्रोटोकॉल माना जाता है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस चली।


अमेरिकी पत्रकारों को रोका गया

ट्रंप और शी चिनफिंग द्वारा मंदिर परिसर का दौरा करने के बाद एक और विवाद सामने आया। अमेरिकी पत्रकारों को एक होल्डिंग रूम में ले जाया गया और उन्हें राष्ट्रपति के मोटरकेड में शामिल होने से रोका गया। इस दौरान अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।


मीडिया पर सख्त पाबंदियां

पूरे दौरे के दौरान अमेरिकी मीडिया टीम पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने बाथरूम के उपयोग पर भी नियंत्रण रखा और मीडिया की आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया।


रश ऑवर 4 की शूटिंग की चर्चा

इस पूरे माहौल में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब फिल्ममेकर ब्रेट रैटनर की टीम का एक कैमरामैन वहां मौजूद था। बताया गया कि वह रश ऑवर 4 की शूटिंग से पहले लोकेशन और लाइटिंग की जांच कर रहा था।


साइबर निगरानी पर अमेरिका की सतर्कता

पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा अमेरिकी अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी रही। प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों और पत्रकारों को साइबर निगरानी और हैकिंग के खतरे को देखते हुए बर्नर फोन और अस्थायी ईमेल अकाउंट का उपयोग करने की सलाह दी गई थी।


2017 के तनाव की यादें

इस बार की घटनाओं ने ट्रंप के 2017 चीन दौरे की यादें ताजा कर दीं। उस दौरान भी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और चीनी सुरक्षा अधिकारियों के बीच विवाद हुआ था। हालांकि, उस समय शारीरिक झड़प की खबरें आई थीं, लेकिन बाद में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इन दावों से इनकार किया था।