डेनमार्क और यूरोपीय देशों का ग्रीनलैंड पर संयुक्त बयान
ग्रीनलैंड के भविष्य पर डेनमार्क का अधिकार
डेनमार्क और अन्य यूरोपीय संघ तथा नाटो देशों ने एक सामूहिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि ग्रीनलैंड के भविष्य के निर्णय लेने का अधिकार केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड के पास है। इस घोषणा पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली के प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं।
ट्रंप की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया
डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन के नेताओं ने ग्रीनलैंड के बारे में ट्रंप की टिप्पणियों के संदर्भ में इस क्षेत्र की संप्रभुता की रक्षा की। ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य का एक स्वशासित क्षेत्र है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि फ्रेडरिक्सन की चेतावनी के बावजूद, ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए। मिलर ने सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "राष्ट्रपति कई महीनों से यह स्पष्ट कर रहे हैं कि अमेरिका का सुरक्षा तंत्र ग्रीनलैंड का हिस्सा होना चाहिए।"
ट्रंप का ग्रीनलैंड पर जोर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने चीन और रूस का उल्लेख करते हुए कहा कि ये देश कभी भी अमेरिका के दरवाजे पर दस्तक दे सकते हैं, इसलिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है।
