डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा बयान: क्या अमेरिका की सैन्य रणनीति बदलने वाली है?
ट्रंप का ईरान के खिलाफ सख्त संदेश
नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान पर कड़ा हमला करेगा और उसे 'पाषाण युग' में वापस भेज देगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगले दो से तीन सप्ताह इस संघर्ष के लिए निर्णायक हो सकते हैं।
चार सप्ताह पहले शुरू हुए सैन्य अभियानों के संदर्भ में, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को लगभग पूरा कर चुका है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अब वह पहले जैसा खतरा नहीं रह गया है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अपने राष्ट्रीय संबोधन में ट्रंप ने कहा, "हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर कड़ा प्रहार करने जा रहे हैं। हम उन्हें पाषाण युग में वापस ले जाएंगे, जहां वे वास्तव में होने चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि इस समय सीमा के भीतर संघर्ष समाप्त हो सकता है, क्योंकि अमेरिका अपने सभी प्रमुख उद्देश्यों के करीब है।
ईरान की सैन्य क्षमताओं पर बड़ा दावा
ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि हालिया अभियानों में ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है।
- उनकी नौसेना 'पूरी तरह से नष्ट' हो चुकी है
- वायुसेना 'खंडहर' में तब्दील हो गई है
- कई शीर्ष सैन्य नेताओं को हटा दिया गया है
इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता में भी भारी गिरावट आई है और उसके रक्षा कारखाने व बुनियादी ढांचा लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है।
ऑपरेशन और सैन्य रणनीति
ट्रंप के अनुसार, पिछले महीने चलाए गए अभियानों ने ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर कर दिया है। उन्होंने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान मिसाइल सिस्टम, नौसेना और सैन्य नेतृत्व को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने इसे 'युद्ध के मैदान में त्वरित, निर्णायक और जबरदस्त जीत' बताया।
अमेरिका के मुख्य उद्देश्य
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का प्रमुख लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। इसके अलावा:
- मिसाइल उत्पादन क्षमता को खत्म करना
- नौसेना को कमजोर करना
- क्षेत्रीय प्रभाव को सीमित करना
उन्होंने पुराने परमाणु समझौतों की आलोचना करते हुए कहा कि वे प्रभावी साबित नहीं हुए।
तेल और वैश्विक असर पर बयान
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले तेल पर निर्भर नहीं है और भविष्य में भी नहीं रहेगा। उन्होंने अन्य देशों से इस मार्ग की जिम्मेदारी लेने की अपील की।
पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को उन्होंने 'अल्पकालिक' बताते हुए कहा कि यह ईरानी हमलों का परिणाम है और जल्द ही कीमतें सामान्य हो जाएंगी।
सहयोगी देशों को भरोसा
अपने संबोधन में ट्रंप ने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे सहयोगी देशों का धन्यवाद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका अपने खाड़ी सहयोगियों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देगा।
आगे की चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान तनाव बढ़ाता है या बातचीत से इनकार करता है, तो उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे बिजली सुविधाएं, निशाने पर आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संघर्ष का अंत करीब हो सकता है, लेकिन अगर ईरान अमेरिकी शर्तों को नहीं मानता, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। आने वाले सप्ताह इस टकराव की दिशा तय करेंगे।
