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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा रुख: होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समझौता होगा, लेकिन यह या तो सकारात्मक या सख्त तरीके से होगा। ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका उसकी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक जलमार्ग बंद रहेगा। इस स्थिति से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। जानें इस तनाव के पीछे की पूरी कहानी और पाकिस्तान में संभावित शांति वार्ता की तैयारियों के बारे में।
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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर कड़ा रुख: होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव

नई दिल्ली में ट्रंप का बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने के निर्णय पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान के साथ समझौता होगा, लेकिन यह या तो सकारात्मक तरीके से होगा या फिर सख्त तरीके से।


ट्रंप का स्पष्ट संदेश

ट्रंप ने कहा, "यह समझौता होगा। एक न एक तरीके से। अच्छे तरीके से या कठिन तरीके से।" उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि तेहरान अमेरिकी नाकेबंदी का बहाना बनाकर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।


हाल ही में, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अब उसने अपना निर्णय बदल दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी को समाप्त नहीं करता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा।


होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा हो सकता है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।


ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार रात घोषणा की कि स्ट्रेट पूरी तरह से बंद रहेगा। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरानी गनबोट्स ने एक तेल टैंकर पर फायरिंग की, लेकिन उसमें सवार लोग सुरक्षित बताए गए हैं।


मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इजरायल और लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ 10 दिन का युद्धविराम अभी भी कायम है। इस संघर्ष में हजारों लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें ईरान में लगभग 3000, लेबनान में 2300, इजरायल में 38 और अमेरिका के 13 सैनिक शामिल हैं। स्थिति अभी भी नाजुक है और तनाव किसी भी समय बढ़ सकता है।


पाकिस्तान में वार्ता की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियां पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही हैं। पाकिस्तान इस प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।


ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि उनका देश स्थायी शांति चाहता है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा करने में कठिनाई महसूस कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाकेबंदी हटाए बिना होर्मुज में आवाजाही सीमित रहेगी।