डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर बड़ा बयान: सीजफायर की स्थिति बेहद नाजुक
सीजफायर की गंभीर स्थिति पर ट्रंप का बयान
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 11 मई 2026 को ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि सीजफायर अब 'वेंटिलेटर' पर है और इसकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई है। ट्रंप ने तेहरान द्वारा भेजे गए जवाब को 'अस्वीकार्य' करार दिया। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि एक महीने पहले शुरू हुआ युद्धविराम अब अपने सबसे कमजोर चरण में है।
सीजफायर पर ट्रंप का स्पष्ट संदेश
ट्रंप ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा, "ईरान का जवाब पढ़ने के बाद मैंने उसे पूरा नहीं किया। मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि यह युद्धविराम अब लाइफ सपोर्ट पर है। ऐसा लगता है जैसे डॉक्टर कह दें कि मरीज के बचने की संभावना केवल एक फीसदी है।" उनका इशारा था कि समझौता किसी भी समय टूट सकता है।
युद्धविराम की शुरुआत और उसकी चुनौतियाँ
यह युद्धविराम 8 अप्रैल को लागू हुआ था। उस समय ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान की 'पूरी सभ्यता' को समाप्त कर देंगे। प्रारंभ में यह दो हफ्तों के लिए था, लेकिन 21 अप्रैल को ट्रंप ने इसे एकतरफा बढ़ा दिया। तब से दोनों देश एक-दूसरे पर शर्तें तोड़ने का आरोप लगाते रहे हैं, जिससे सीजफायर लगातार संकट में रहा है।
हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव
युद्धविराम की घोषणा के समय ट्रंप ने ईरान से हॉर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलने की मांग की थी। यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और युद्ध के बाद लगभग बंद हो गया था। इसके बाद अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में नौसैनिक नाकाबंदी कर दी ताकि ईरानी बंदरगाहों पर आवाजाही रोकी जा सके।
हिंसा का सिलसिला जारी
युद्धविराम के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले हफ्ते ईरान ने यूएई पर हमला किया, जबकि हॉर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच गोलीबारी हुई। पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया।
ट्रंप की असंतोषजनक प्रतिक्रिया
अमेरिकी अधिकारी ईरान के औपचारिक प्रस्ताव का इंतजार कर रहे थे ताकि युद्ध समाप्त करने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ सके। रविवार को ट्रंप ने टुथ सोशल पर लिखा, "मुझे ईरान की प्रतिक्रिया मिली है। मुझे यह पसंद नहीं है, यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।"
