डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: क्या कहते हैं मार्को रुबियो और एलन मस्क?
बीजिंग में ट्रंप का भव्य स्वागत
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग में अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उनका शानदार स्वागत हुआ। इस यात्रा में उनके साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और प्रसिद्ध कारोबारी एलन मस्क भी शामिल थे। इस दौरे से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं।
शी जिनपिंग का औपचारिक स्वागत
जब ट्रंप बीजिंग पहुंचे, तो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनका औपचारिक स्वागत किया। ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल के बाहर आयोजित समारोह के बाद, दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें वैश्विक मुद्दों और दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा की गई।
国务卿卢比奥在会议厅连竖大拇哥,找国防部长一起指着上方赞不绝口
— Crypto Doggy 叫我狗总 (@CryptoDoggyCN) May 14, 2026
来看看迷住他的人民大会堂天花板 pic.twitter.com/mlOSH3AaVZ
मार्को रुबियो की उत्सुकता
ग्रेट हॉल की भव्यता देख रुबियो हुए उत्साहित
इस दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो गया है। वीडियो में वह मीटिंग हॉल के अंदर उत्साहित नजर आ रहे हैं, बार-बार थम्ब्स-अप दिखाते हुए और रक्षा मंत्री के साथ हॉल की विशाल छत की ओर इशारा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल की भव्यता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
एलन मस्क का वीडियो भी वायरल
एलन मस्क का VIDEO भी चर्चा में
अरबपति एलन मस्क का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मस्क अन्य प्रमुख नेताओं और सीईओ के बीच खड़े होकर अपने फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और चीन की भव्य तैयारियों की सराहना कर रहे हैं।
ट्रंप और जिनपिंग की आपसी प्रशंसा
ट्रंप और जिनपिंग ने की एक-दूसरे की तारीफ
इस हाई-स्टेक समिट के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे की प्रशंसा की। शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया एक नए मोड़ पर है और अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनकर काम करना चाहिए। ट्रंप ने जिनपिंग को महान नेता बताया और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।
वैश्विक नजरें इस बैठक पर
वैश्विक नजरें इस बैठक पर टिकीं
ट्रंप का यह चीन दौरा वैश्विक राजनीति और व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और चीन के बीच चल रही रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच, यह बैठक दोनों देशों के संबंधों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिट का वैश्विक राजनीति, व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों पर बड़ा असर पड़ेगा।
