Newzfatafatlogo

डोनाल्ड ट्रंप का मियामी भाषण: ईरान पर कड़े हमले और शांति का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ कड़े बयान दिए। उन्होंने खुद को एक पीसमेकर बताते हुए कहा कि अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो यह किसी और को भी नहीं मिलेगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने का दावा किया और ब्रिटेन तथा नाटो पर भी कटाक्ष किए। उनके भाषण में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी का जिक्र भी शामिल था। जानिए ट्रंप के इस भाषण के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 | 
डोनाल्ड ट्रंप का मियामी भाषण: ईरान पर कड़े हमले और शांति का दावा

ट्रंप का मियामी में भाषण


मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध और वैश्विक भू-राजनीति पर तीखे विचार व्यक्त किए। ट्रंप ने खुद को एक पीसमेकर बताते हुए कहा कि यदि उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो यह किसी और को भी नहीं मिलेगा। उन्होंने मजाक में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहकर संबोधित किया।


ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर रहा है और ईरानी शासन अब समझौते के लिए गिड़गिड़ा रहा है।


उन्होंने कहा, "मेरे नेतृत्व में अमेरिका इस कट्टरपंथी शासन से उत्पन्न खतरे को समाप्त कर रहा है और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के माध्यम से ईरान की ताकत को ध्वस्त कर रहा है। हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, जिसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में तैयार किया।"


कासिम सुलेमानी का उल्लेख

ट्रंप ने ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के अपने निर्णय का जिक्र करते हुए कहा, "यह मेरे पहले कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण क्षण था।" उन्होंने कहा कि ईरान पर इतना दबाव है कि अब कोई भी बातचीत करने के लिए मजबूर होगा।


उन्होंने मजाक में कहा कि ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' खोलना पड़ेगा।


ब्रिटेन और नाटो पर कटाक्ष

ट्रंप ने ब्रिटेन के एयरक्राफ्ट कैरियर पर भी तंज कसा, कहकर कि उन्हें दो एयरक्राफ्ट कैरियर की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नाटो पर उनकी निराशा है और यह कि वे अमेरिका की मदद नहीं करेंगे।


पीसमेकर के रूप में पहचान

ट्रंप ने कहा, "मैं चाहता हूं कि मेरी पहचान एक महान पीसमेकर के रूप में बने।" उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो किसी और को भी नहीं मिलेगा।


हमले का जिक्र

ट्रंप ने हाल ही में हुए मिसाइल हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि 101 मिसाइलों में से सभी को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके पास 3554 टारगेट हैं, जिन्हें जल्दी खत्म किया जाएगा।