डोनाल्ड ट्रंप का स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन: क्या हैं प्रमुख मुद्दे?
ट्रंप का महत्वपूर्ण संबोधन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कांग्रेस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के लिए कदम रखा। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को 'मेकिंग अमेरिका ग्रेट अगेन' के तहत प्रस्तुत किया। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब उनकी कई नीतियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी ट्रंप इसे अपनी सफलताओं का एक बड़ा मंच मानते हैं।
संबोधन का समय और महत्व
ट्रंप का संबोधन मंगलवार रात 9 बजे ईटी और बुधवार सुबह 7:30 बजे आईएसटी पर निर्धारित है। इस दौरान, वे कांग्रेस के संयुक्त सत्र के सामने खड़े होकर अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष को आर्थिक पुनरुत्थान, सख्त सीमा सुरक्षा और अमेरिका को एक प्रमुख महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के रूप में प्रस्तुत करेंगे। यह संबोधन न केवल नीतिगत घोषणाओं का एक मंच होगा, बल्कि जनता की बदलती धारणा को संबोधित करने का उनका महत्वपूर्ण प्रयास भी होगा।
स्टेट ऑफ द यूनियन का महत्व
स्टेट ऑफ द यूनियन अमेरिकी राष्ट्रपति का संवैधानिक दायित्व है, जिसमें वे कांग्रेस को राष्ट्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देते हैं। यह कार्यक्रम वाशिंगटन का एक प्रमुख राजनीतिक आयोजन बन चुका है, जिसमें नीति दस्तावेज, राजनीतिक संदेश और टेलीविजन स्पेक्टेकल का अनूठा मिश्रण होता है।
इस कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के सांसद, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, शीर्ष सैन्य अधिकारी और विशेष अतिथि शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ट्रंप के पीछे बैठेंगे। संबोधन के बाद, डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से जवाबी बयान आएगा, जबकि कुछ विपक्षी सांसद 'पीपल्स स्टेट ऑफ द यूनियन' नामक वैकल्पिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
संबोधन से अपेक्षाएँ
ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था के विकास पर जोर देंगे, जिसमें नौकरी सृजन, घरेलू विनिर्माण में वृद्धि और शेयर बाजार के लाभ शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि मुद्रास्फीति अब नियंत्रण में है और उनकी नीतियों ने अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। हालांकि, जनता की राय में विभाजन है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल के अंत में आर्थिक विकास की गति धीमी हुई है और अधिकांश परिवार जीवन-यापन की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं।
ट्रंप की आप्रवासन नीति पर भी विवाद चल रहा है। उनका दावा है कि उनके कार्यकाल में अवैध सीमा पार करने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन हाल की घटनाओं ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है। व्यापार नीति भी चर्चा में रहेगी, खासकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद।
ट्रंप विदेश नीति और सैन्य कार्रवाइयों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें ईरान से जुड़े ठिकानों पर संभावित हमले और वेनेजुएला पर दबाव शामिल हैं। हाल के सर्वेक्षणों में ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई है। उनका समर्थन उच्च 30 के दशक में है, जबकि अस्वीकृति लगभग 60 प्रतिशत है। यह संबोधन नवंबर के मध्यावधि चुनावों के लिए एक प्रारंभिक चुनावी मंच के रूप में भी कार्य करेगा।
