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डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांसीसी शराब पर टैरिफ धमकी: क्या है इसके पीछे का सच?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल न होने के बाद आई है। यह मामला न केवल राजनीतिक है, बल्कि फ्रांस की शराब की विशेषताओं को भी उजागर करता है। जानें फ्रांस की शराब बाजार की स्थिति, उसकी विशेषताएँ और अमेरिका में उसकी बिक्री का महत्व।
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डोनाल्ड ट्रंप की फ्रांसीसी शराब पर टैरिफ धमकी: क्या है इसके पीछे का सच?

ट्रंप की टैरिफ धमकी


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी तब आई जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने से इनकार किया। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों जल्द ही पद छोड़ने वाले हैं और कोई भी उन्हें इस बोर्ड में नहीं चाहता। यदि वे विरोध करते हैं, तो फ्रांसीसी शराब पर भारी टैरिफ लागू किया जाएगा। यह मामला राजनीति से अधिक फ्रांस की शराब की विशेषताओं को उजागर करता है।


बोर्ड ऑफ पीस का उद्देश्य

ट्रंप ने गाजा संघर्ष के बाद 'बोर्ड ऑफ पीस' की स्थापना की घोषणा की। यह बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण, निवेश और शांति प्रक्रिया में सहायता करेगा। इसमें रूस के पुतिन, ब्रिटेन के स्टारमर और भारत के मोदी जैसे नेताओं को शामिल करने की योजना है। मैक्रों के इस बोर्ड में शामिल न होने के कारण ट्रंप नाराज हो गए।


फ्रांस की शराब बाजार की स्थिति

फ्रांस का अल्कोहल बाजार लगभग 69 अरब डॉलर का है और 2032 तक यह 73 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। 2025 में बिक्री की मात्रा में कमी आई, लेकिन कीमतों में वृद्धि के कारण कुल राजस्व में वृद्धि हुई। लोग अब मात्रा की बजाय उच्च गुणवत्ता वाली शराब को प्राथमिकता दे रहे हैं। पेरिस ओलंपिक और पर्यटन के कारण बार और रेस्तरां में बिक्री में वृद्धि हुई है, जबकि सुपरमार्केट से 70% बिक्री होती है।


फ्रांसीसी शराब की विशेषताएँ

फ्रांस में शराब केवल एक पेय नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और कला का प्रतीक है। यह सैकड़ों वर्षों की परंपरा के साथ बनाई जाती है।



  • टेरॉयर की विशेषता: अंगूर की किस्म, मिट्टी, जलवायु और क्षेत्र का प्रभाव स्वाद पर पड़ता है, जिसे 'टेरॉयर' कहा जाता है। यही फ्रांसीसी शराब की सबसे बड़ी विशेषता है।

  • प्रीमियम और लग्जरी: शैंपेन, कॉन्यैक और आर्मन्याक जैसी शराब विश्व में स्टेटस सिंबल मानी जाती हैं। अमीर लोग इन्हें पसंद करते हैं।

  • कड़े नियम: शराब बनाने के लिए सख्त कानून हैं। कौन-सा अंगूर, कहां उगेगा, और कितने समय में तैयार होगा, यह सब निर्धारित होता है। यही कारण है कि कोई भी अन्य शराब फ्रांसीसी शराब जैसा स्वाद नहीं दे सकती।

  • नो और लो-अल्कोहल ट्रेंड: अब लोग कम अल्कोहल या बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स को अधिक पसंद कर रहे हैं। सस्ती वाइन और बैग-इन-बॉक्स पैक भी लोकप्रिय हो रहे हैं।


अमेरिका: फ्रांसीसी शराब का सबसे बड़ा बाजार

अमेरिका फ्रांसीसी शराब का सबसे बड़ा बाजार है, विशेषकर शैंपेन और कॉन्यैक की बिक्री में। ट्रंप की टैरिफ धमकी से फ्रांस को बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अमेरिका में ये शराब महंगी हो जाएंगी। ट्रंप की यह धमकी राजनीतिक है, लेकिन फ्रांस की शराब की वैश्विक पहचान को भी दर्शाती है।