तुर्किये में भारतीय ड्रग माफिया सलीम डोला की गिरफ्तारी: क्या खुलेंगे नए राज?
सलीम डोला की गिरफ्तारी
भारत के प्रसिद्ध ड्रग माफिया सलीम डोला को तुर्किये की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्तांबुल में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया है। भारतीय सुरक्षा बलों ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और अंडरवर्ल्ड के खिलाफ एक बड़ी जीत माना जा रहा है। सलीम डोला लंबे समय से एक वैश्विक सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसके संपर्क कई देशों में फैले हुए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसका नेटवर्क भारत के मोस्ट वांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है।
दुबई से संचालित ड्रग सिंडिकेट
सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी माना जाता है। शुरुआत में वह मुंबई में सक्रिय था, लेकिन बाद में दुबई से अपने ड्रग सिंडिकेट का संचालन करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत में ड्रग्स की आपूर्ति का एक बड़ा चैनल उसके नियंत्रण में था।
परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी
अक्टूबर 2025 में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसके प्रमुख सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया। इसके बाद, नवंबर 2025 में, मुंबई पुलिस ने सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला सहित उसके परिवार के चार सदस्यों को भी दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया।
रेड कॉर्नर नोटिस और इनाम
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने सलीम डोला पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। मुंबई पुलिस ने उसे वांछित अपराधी घोषित किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला के पास सऊदी अरब का पासपोर्ट है। जिस देश में उसे गिरफ्तार किया गया है, वहां से उसे सीधे भारत भेजना या प्रत्यर्पित करना फिलहाल संभव नहीं है। इस स्थिति में, भारतीय एजेंसियां UAE के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास कर रही हैं ताकि उसे भारत लाया जा सके।
दाऊद नेटवर्क से संबंध
अधिकारियों के अनुसार, सलीम डोला के पिता ने लंबे समय तक दाऊद इब्राहिम के साथ मुंबई में काम किया। बाद में, सलीम डोला खुद दुबई पहुंचा और डी-कंपनी के लिए काम करते हुए नारकोटिक्स व्यापार में गहराई से शामिल हो गया।
बड़े खुलासों की संभावना
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, हवाला चैनल और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। आने वाले दिनों में उससे पूछताछ के आधार पर पूरी ड्रग सिंडिकेट की संरचना का पता चलने की उम्मीद है। यह गिरफ्तारी भारत और विदेशी एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग का भी संकेत है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई को नई ताकत मिलने की संभावना है।
