तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ता तनाव: ईरान ने अमेरिका की नीतियों पर उठाए सवाल
तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव
तेहरान और वाशिंगटन के संबंधों में एक बार फिर से तीव्र तनाव उत्पन्न हो गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा किए गए बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, इन्हें देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और भ्रामक बताया गया है।
ईरान का अमेरिका पर आरोप
ईरान का कहना है कि इस प्रकार की टिप्पणियाँ नई नहीं हैं, बल्कि यह अमेरिका की पुरानी नीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ईरान में अस्थिरता और हिंसा फैलाना है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन बयानों का मकसद ईरानी जनता की भलाई नहीं, बल्कि अधिकतम दबाव और धमकी की नीति को आगे बढ़ाना है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि ईरान का संविधान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देता है और सरकार जनता की वैध मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, सरकार आर्थिक समस्याओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा लगाए गए अवैध प्रतिबंध हैं, जिन्हें ईरान ने आर्थिक युद्ध करार दिया है।
अमेरिका की नीतियों पर ईरान का आरोप
ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका की नीतियाँ केवल आर्थिक दबाव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें मनोवैज्ञानिक युद्ध, गलत सूचनाओं का प्रसार, मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार, सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ और हिंसा को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
मंत्रालय ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के ईरान-विरोधी इतिहास का उल्लेख किया, जिसमें 1953 में ईरान की निर्वाचित सरकार के खिलाफ तख्तापलट और इराक युद्ध के दौरान बाथवादी शासन को समर्थन शामिल है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इन प्रतिबंधों की अमानवीय प्रकृति पर ध्यान दे, जो सीधे तौर पर ईरानी जनता के मानवाधिकारों और जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।
ट्रंप का बयान और ईरान की प्रतिक्रिया
इस बीच, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप संबंधी बयानों से तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा होती है, तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान दबाव के आगे नहीं झुकेगा और ईश्वर तथा जनता के समर्थन से अपने दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर करेगा।
