दक्षिण एशिया में तालिबान के हमले से बढ़ी तनाव की स्थिति
तालिबान का नया हमला
2 मार्च 2026 को दक्षिण एशिया में एक नई और गंभीर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हुई है। तालिबान सरकार ने यह दावा किया है कि उसके आत्मघाती ड्रोन ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। यह एयरबेस पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से केवल 5 किलोमीटर की दूरी पर है।
अफगान अधिकारियों के अनुसार, बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वें डिवीजन मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाज़ई मिलिट्री कैंप पर भी हमले किए गए।
हमलों का उद्देश्य
अफगानिस्तान ने कहा कि ये हमले काबुल, बगराम और अन्य स्थानों पर पहले हुए पाकिस्तानी हमलों का प्रतिशोध हैं। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया कि अफगान वायु सेना ने महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर प्रभावी हवाई हमले किए।
पाकिस्तान का जवाब
इस बीच, पाकिस्तान ने जानकारी दी है कि उसने अपने चल रहे सैन्य अभियान के दौरान 415 अफगान तालिबान के सदस्यों को मार गिराया है और 580 से अधिक को घायल किया है। सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने रविवार को कहा कि यह कार्रवाई एक बड़े जवाब का हिस्सा थी।
पाकिस्तान ने गुरुवार रात को ऑपरेशन 'ग़ज़ब लिल हक़' शुरू किया, जो अफगान तालिबान के कथित हमलों के जवाब में था। पाकिस्तान के अनुसार, इन हमलों में देश के भीतर सैन्य ठिकानों को हवाई हमलों के जरिए निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन की प्रगति
तरार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कम से कम 182 अफगान चेकपोस्ट नष्ट कर दिए गए हैं और 31 अन्य पर सुरक्षा बलों ने नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान 185 टैंक, आर्मर्ड गाड़ियां और आर्टिलरी गन नष्ट कर दी गईं, जबकि अफगानिस्तान में 46 स्थानों को हवाई हमलों से प्रभावी रूप से निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन जारी
पाकिस्तान के फेडरल पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री, डॉ. तारिक फजल चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन जारी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आई उन रिपोर्टों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि सैन्य कार्रवाई समाप्त हो गई है। दूसरी ओर, अफगान पक्ष ने दावा किया कि उसने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया।
