नासा का आर्टेमिस 2 मिशन: चांद पर यात्रा के बाद सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री
आर्टेमिस 2 मिशन की सफलता
नासा का आर्टेमिस 2 मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। इस अभियान के तहत चांद पर गए चार अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से धरती पर लौट आए हैं। मिशन का अंतरिक्ष यान, ओरियन, 10 दिन की सफल यात्रा के बाद आज प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग कर गया। स्थानीय समयानुसार, यह यान रात 8:07 बजे धरती पर उतरा, जबकि भारतीय समय के अनुसार यह सुबह 5:37 बजे हुआ। यह मिशन नासा की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन चुका है।
क्रू मेंबर्स की पहचान
इस क्रू में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद, नासा ने आर्टेमिस के क्रू से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद सफल लैंडिंग सुनिश्चित की। रिकवरी टीम अब इन अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएगी और मेडिकल जांच के बाद उन्हें अमेरिकी सैन्य जहाजों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
सुरक्षित यात्रा की पुष्टि
इस मिशन में शामिल सभी चार अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। नासा के पब्लिक अफेयर्स अधिकारी रॉब नावियास ने बताया कि सभी यात्री अच्छी स्थिति में हैं। मिशन कमांडर रीड वाइजमैन ने कहा कि क्रू स्थिर स्थिति में है। यह स्प्लैशडाउन सैन डिएगो तट से लगभग 40-60 मील दूर प्रशांत महासागर में हुआ, और नासा ने इसका लाइव प्रसारण किया।
मिशन की महत्वपूर्ण बातें
यह मिशन कई दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। 1972 में अपोलो मिशन के बाद, यह चंद्रमा पर मानव की पहली यात्रा है। क्रू ने चंद्रमा के दूर वाले हिस्से का अवलोकन किया और मानव इतिहास में सबसे दूर की यात्रा का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस मिशन ने लगभग 4,06,771 किलोमीटर की यात्रा की।
चंद्रमा की तस्वीरें और लैंडिंग प्रक्रिया
इस यात्रा के दौरान, क्रू ने चंद्रमा की कई तस्वीरें लीं। नासा ने बताया कि ओरियन स्पेसक्राफ्ट वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय 32 गुना ध्वनि की गति से आगे बढ़ा और हजारों डिग्री तापमान सहन करने के बाद पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे 17 मील प्रति घंटे की गति से पानी पर उतरा। पानी में उतरते ही सेना ने उन्हें सहायता प्रदान की। आर्टेमिस 2 की लैंडिंग का सीधा प्रसारण कैलिफोर्निया के प्रशांत महासागर में सैन डिएगो तट के पास किया गया।
भविष्य के अभियानों के लिए मार्ग प्रशस्त
नासा के अनुसार, इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की है, जो भविष्य में चंद्रमा पर जाने वाले अभियानों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। इस यात्रा के सबसे दूर के बिंदु पर क्रू मेंबर्स लगभग 252,756 मील तक पहुंचे। यह माना जा रहा है कि इस मिशन के बाद भविष्य के अभियानों में नासा को काफी सहायता मिलेगी।
