नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी: इजरायल का सैन्य अभियान जारी
नेतन्याहू की अपील और ट्रंप का समर्थन
बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह अवसर पीढ़ी में एक बार आता है और इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समय जल्द आएगा और लोगों को निष्क्रिय नहीं रहना चाहिए। इसी संदर्भ में, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि ईरान की जनता ने कई वर्षों से अमेरिका से मदद की गुहार लगाई है, लेकिन किसी भी राष्ट्रपति ने उनकी मदद नहीं की। ट्रंप ने कहा कि अब जब उन्होंने विद्रोह की आग भड़काई है, तो यह ईरान के लोगों के हाथ में है। वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल का सैन्य अभियान ईरान की सत्ताधारी व्यवस्था को कमजोर करेगा और लोगों को उस शासन को चुनौती देने का अवसर देगा, जिसे उन्होंने 'आतंकी शासन' करार दिया।
इजरायल का हमला और ईरान की प्रतिक्रिया
इजरायल ने ईरान पर अपने हमलों को जारी रखते हुए तेहरान में इस्लामी गणराज्य के सेना मुख्यालय को निशाना बनाया, जिसमें कई लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया गया। इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बासिज बलों के मुख्यालय और तब्रीज़ हवाई अड्डे पर हमले किए, जिसमें दो ईरानी एफ-5 और एफ-4 लड़ाकू विमान नष्ट हुए। आईडीएफ ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हमले का वीडियो साझा किया, जिसमें दिखाया गया कि पश्चिमी ईरान के तब्रीज़ हवाई अड्डे पर दो लड़ाकू विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें मार गिराया गया। यह हमला ईरानी वायु सेना की गतिविधियों को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था।
खामेनेई की हत्या और इज़राइल की रणनीति
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद, इजरायल ने कहा है कि वह इस्लामी गणराज्य पर हमले जारी रखेगा। इजरायल ने खामेनेई के परिसर पर हुए हमलों का एक वीडियो जारी किया है और अपने अभियान का नाम 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' रखा है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आवश्यक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी शासन पिछले 47 वर्षों से 'इजरायल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगाता रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के कारण मध्य पूर्व के लोग डर में जी रहे हैं और तेहरान ने गाज़ा, सीरिया और अन्य देशों में इजरायल के खिलाफ सशस्त्र गुट तैयार किए हैं।
ट्रंप की चेतावनी और खाड़ी देशों की शांति की अपील
नेतन्याहू की तरह, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि वह किसी भी दुस्साहस का सामना न करे जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन जैसे कई खाड़ी देशों ने भी क्षेत्र में शांति की अपील की है और ईरान से स्थिति को और बिगड़ने से रोकने का आग्रह किया है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
