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नेपाल की राजनीति में भूचाल: गृहमंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा और बढ़ता जन असंतोष

नेपाल की राजनीति में हाल ही में गृहमंत्री सुदन गुरुंग के इस्तीफे ने हलचल मचा दी है। उन पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग और फंड के दुरुपयोग शामिल हैं। जनता में असंतोष बढ़ रहा है, जिसके चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार के नए कस्टम ड्यूटी के फैसले ने भी नाराजगी को बढ़ाया है। जानें इस राजनीतिक संकट की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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नेपाल की राजनीति में भूचाल: गृहमंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा और बढ़ता जन असंतोष

गृहमंत्री का इस्तीफा


नेपाल की राजनीतिक स्थिति में हाल के दिनों में काफी हलचल देखने को मिली है। गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं।


आरोपों का सिलसिला

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुंग पर विवादास्पद कारोबारियों से जुड़े कंपनियों में निवेश करने और शेयर खरीदने का आरोप भी है। इसके अलावा, उन पर एक ऐसे व्यक्ति के साथ आर्थिक संबंध बनाने का आरोप है, जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में है। इन आरोपों ने उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है।


प्रधानमंत्री को सौंपा इस्तीफा

गुरुंग ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंपा और इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। हाल के दिनों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे, जिसमें कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने उनसे इस्तीफा देने की मांग की थी।


फंड के दुरुपयोग के आरोप

गुरुंग पर एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन 'हामी नेपाली' से जुड़े फंड के दुरुपयोग के आरोप भी लगे हैं। कहा जा रहा है कि इस संगठन की राशि को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया, जिससे मामला और विवादित हो गया।


सरकार के खिलाफ बढ़ता असंतोष

हालांकि बालेन शाह की सरकार को ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। काठमांडू सहित कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र और युवा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।


कस्टम ड्यूटी का विवाद

हाल ही में सरकार ने भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया है। नए नियम के तहत 100 रुपये से अधिक के सामान पर अनिवार्य शुल्क लगाया जा रहा है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग नाराज हैं, क्योंकि वे अपनी जरूरतों के लिए भारत पर निर्भर हैं।


सामाजिक आंदोलन का रूप लेता विरोध

सरकार के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदलता जा रहा है। युवा वर्ग इसे अपने भविष्य से जुड़ा मुद्दा मान रहा है और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। छात्रों का कहना है कि सरकार के निर्णय उनके भविष्य को प्रभावित करेंगे।