नेपाल की रॉयल फैमिली का त्रासद इतिहास: एक रात में सब कुछ बदल गया
नेपाल की रॉयल फैमिली का इतिहास एक खौफनाक घटना से भरा हुआ है। 2001 में, क्राउन प्रिंस दीपेंद्र ने अपने परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। जानें कैसे एक रात में सब कुछ बदल गया और नेपाल की रॉयल फैमिली का अंत हुआ। इस घटना ने नेपाल की राजनीति और समाज पर गहरा असर डाला।
| Mar 5, 2026, 17:41 IST
नेपाल: एक खूबसूरत देश
नेपाल एक अद्भुत देश है, जहां हिमालय के ऊंचे पहाड़ आसमान को छूते हैं। यहां के हरे-भरे खेत, साफ बहती नदियां, घने जंगल और ताजगी भरी हवा इसे खास बनाते हैं। इस देश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ यहां के मंदिर और मोनेस्ट्री भी आकर्षण का केंद्र हैं। 2.97 करोड़ की जनसंख्या वाला नेपाल हमेशा चहल-पहल से भरा रहता है। चाहे मंदिरों के बाहर बजने वाली घंटियां हों या सड़कों पर चलने वाले लोग, सब कुछ जीवंत है। लेकिन 2 जून 2001 को नेपाल में एक अजीब सी शांति छाई हुई थी। उस दिन भीड़ तो थी, लेकिन नेपाल की रॉयल फैमिली के घर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। लोग आपस में बातें कर रहे थे, कुछ दुखी थे और कुछ सदमे में। आखिरकार, एक रात में किसी ने नेपाल की पूरी रॉयल फैमिली का सफाया कर दिया था। नेपाल में राजा को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता था और उन्हें एकता का प्रतीक माना जाता था। वहां राजा की अनुमति के बिना कोई भी निर्णय नहीं लिया जाता था।
राजा वीरेंद्र का योगदान
राजा वीरेंद्र वीर विक्रम शाह देव, नेपाल के 10वें राजा, अपने बुद्धिमत्ता और जिम्मेदारी के लिए जाने जाते थे। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद, जब वे नेपाल लौटे, तो उन्होंने देश के दूरदराज के क्षेत्रों का दौरा किया ताकि वे जान सकें कि लोग कैसे जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने नेपाल में औद्योगिक विकास, सड़क निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई योजनाएं बनाई। उन्हें बंदूकें रखने का शौक था और उनके पास विभिन्न प्रकार की बंदूकें थीं।
दीपेंद्र का विवादास्पद प्रेम
राजा वीरेंद्र और रानी ऐश्वर्य के दो बेटे और एक बेटी थी। उनके बड़े बेटे दीपेंद्र को क्राउन प्रिंस बनाया गया था। दीपेंद्र का एक लड़की दिव्यानी से प्रेम हो गया, जिसे रानी ऐश्वर्य ने पसंद नहीं किया। रानी चाहती थीं कि दीपेंद्र शाही परिवार की एक रिश्तेदार से शादी करे। इस पर मां-बेटे के बीच बहस हुई। दीपेंद्र ने अपनी मां की बात नहीं मानी और दिव्यानी से शादी करने का निर्णय लिया। इस बीच, दीपेंद्र ने नेपाल के सुरक्षा विभाग के लिए हथियारों की डील का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन उनके पिता ने इसे अस्वीकार कर दिया।
एक रात का खौफनाक मंजर
1 जून 2001 को, राजमहल में पारिवारिक डिनर का आयोजन किया गया था। दीपेंद्र ने शराब पीना शुरू कर दिया और रात होते-होते माहौल बदल गया। दीपेंद्र ने गुस्से में आकर अपने परिवार के सदस्यों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। उन्होंने अपने पिता राजा वीरेंद्र, मां रानी ऐश्वर्य और नौ अन्य लोगों की हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। इस घटना ने पूरे नेपाल को हिला कर रख दिया। काठमांडू में राजा वीरेंद्र की चिता सजाई गई, जहां पूरा नेपाल शोक में था और नारे लगा रहा था, 'हाम्रौ राजा हाम्रो देख प्राण से भन्दा प्यारा छ' यानी 'हमारे राजा और हमारा देश हमें जान से भी ज्यादा प्रिय है।'
