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नेपाल के चुनावों में बालेन शाह की पार्टी को मिली बड़ी बढ़त, पारंपरिक दलों की स्थिति कमजोर

नेपाल में हाल ही में हुए आम चुनावों के प्रारंभिक परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। युवा नेता बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को भारी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जिससे पारंपरिक दलों की स्थिति कमजोर हो गई है। यह चुनाव जेन-Z आंदोलन के प्रभाव में हो रहा है, जिसने पिछले साल बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, और भारत ने भी चुनावों पर करीबी नजर रखी है। जानें इस चुनाव के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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नेपाल के चुनावों में बालेन शाह की पार्टी को मिली बड़ी बढ़त, पारंपरिक दलों की स्थिति कमजोर

काठमांडू में चुनावी उलटफेर


काठमांडू: नेपाल में हाल ही में संपन्न आम चुनावों के प्रारंभिक परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। नई पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), जो युवा नेता बालेन शाह के नेतृत्व में है, को चुनावी रुझानों में स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। इस स्थिति ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की स्थिति को कमजोर कर दिया है, जिससे नेपाल की राजनीति में बदलाव की लहर महसूस की जा रही है। नेपाल लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है, और पिछले 18 वर्षों में यहां 14 सरकारें बदल चुकी हैं। इस चुनाव को स्थिर और मजबूत सरकार की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।


मतगणना के रुझान

अब तक लगभग 50 सीटों की मतगणना के प्रारंभिक रुझान सामने आए हैं, जिनमें से 47 सीटों पर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी बढ़त बनाती नजर आ रही है। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) केवल एक-एक सीट पर आगे चल रही हैं। यह देखना चौंकाने वाला है कि कई अनुभवी नेता भी पीछे रह गए हैं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी शामिल हैं, जो अपनी सीट पर पिछड़ते नजर आ रहे हैं।


जेन-Z आंदोलन का प्रभाव

यह चुनाव उस समय हुआ है जब पिछले साल देश में युवाओं, विशेषकर जेन-Z के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और खराब शासन व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख थे। इसी आंदोलन के दबाव में केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिर गई थी। इस चुनाव को देश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


मतदान की प्रक्रिया

चुनाव आयोग के अनुसार, नेपाल में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ। कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नेपाल में कुल 1 करोड़ 89 लाख मतदाता हैं। यहां 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव हो रहा है। इसमें 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से चुने जाते हैं, जबकि 110 सदस्य अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाते हैं। प्रत्यक्ष चुनाव की 165 सीटों के लिए लगभग 3400 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पीआर प्रणाली की 110 सीटों के लिए 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।


बालेन शाह की बढ़ती लोकप्रियता

पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह इस चुनाव के सबसे चर्चित चेहरे बनकर उभरे हैं। 2022 में स्थापित उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को युवाओं और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिला है। कई राजनीतिक विश्लेषक उन्हें संभावित प्रधानमंत्री पद का दावेदार मान रहे हैं। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस ने गगन थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि सीपीएन (यूएमएल) ने फिर से केपी शर्मा ओली को अपना चेहरा बनाया है।


भारत की नजरें

नेपाल के इन चुनावों पर भारत भी करीबी नजर बनाए हुए है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चुनाव के सफल आयोजन के लिए नेपाल की सरकार और जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराना नेपाल के लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।