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नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ जन आक्रोश, भारत ने उठाए सख्त कदम

नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ जेन जेड का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक महीने में ही कुछ लोग उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में, बालेन शाह की सरकार ने भारत के खिलाफ कठोर कदम उठाने की कोशिश की, जिसके जवाब में भारत ने 48 घंटों के भीतर सख्त कदम उठाए हैं। नेपाल में ईंधन संकट के बीच, बिहार के कई जिलों में नेपाली वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। जानें इस विवाद का पूरा विवरण और इसके संभावित प्रभाव।
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नेपाल में बालेन शाह के खिलाफ जन आक्रोश, भारत ने उठाए सख्त कदम

नेपाल की जेन जेड का बालेन शाह के खिलाफ मोर्चा

एक महीने पहले नेपाल की जेन जेड ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री चुना था, लेकिन अब यह युवा वर्ग उनके खिलाफ खड़ा हो गया है। कुछ ही समय में, नेपाल में कुछ लोग बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में, बालेन शाह की सरकार ने भारत के प्रति एक कठोर रुख अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने मात्र 48 घंटों में इसका प्रभावी जवाब दिया है। भारत कभी नहीं चाहेगा कि नेपाल के साथ उसके संबंधों में कोई दरार आए, लेकिन अगर नेपाल की सरकार ने अकड़ दिखाई, तो भारत ने गद्दारी का जवाब देने का मन बना लिया है।


नेपाल की कस्टम ड्यूटी का विवाद

कुछ दिन पहले, बालेन शाह की सरकार ने एक घोषणा की थी कि यदि नेपाली नागरिक भारत से ₹100 से अधिक का सामान लाते हैं, तो उन्हें कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी। इसका मतलब है कि जो भी नेपाली नागरिक भारत से ₹100 से ज्यादा का सामान लेकर नेपाल आएगा, उसे सीमा पर कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना होगा। यह निर्णय नेपाल के लोगों के लिए सामान महंगा कर देगा।


भारत का सख्त कदम

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस निर्णय पर नेपाल की जनता ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। वहीं, भारत ने भी नेपाल को एक बड़ा झटका दिया है। नेपाल में ईंधन संकट के बीच, बिहार के कई जिलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब नेपाल सीमा के निकट भारत के पेट्रोल पंपों पर नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। इससे नेपाल के लोग अब बिहार आकर सस्ता ईंधन नहीं भरवा सकेंगे।


नेपाल के लिए नई चुनौतियाँ

नेपाल के तराई क्षेत्रों के लोग अक्सर बिहार से सस्ता पेट्रोल और डीजल भरवाने आते थे, क्योंकि वहां ईंधन की कीमतें भारत की तुलना में काफी अधिक थीं। लेकिन अब नई गाइडलाइंस के अनुसार, बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल, और कटिहार में नेपाली वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। यह निर्णय नेपाल के लिए एक नई चुनौती बन गया है।