न्यूयॉर्क में हमास समर्थक नारेबाजी पर ममदानी का कड़ा रुख: क्या है इसके पीछे का सच?
न्यूयॉर्क में विवादास्पद प्रदर्शन
न्यूयॉर्क: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को जन्म दिया है। क्वींस क्षेत्र में आयोजित इस प्रदर्शन में कुछ लोगों ने 'हम हमास का समर्थन करते हैं' जैसे नारे लगाए। यह क्षेत्र बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के निवासियों का घर है, जिससे सुरक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनी झंडे लहराते हुए और हमास के समर्थन में नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका में हमास को एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है, इसलिए इस तरह की नारेबाजी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मेयर का सख्त बयान
मेयर की कड़ी प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी आतंकवादी संगठन के समर्थन की कोई जगह नहीं है। सोशल मीडिया पर दिए गए अपने बयान में मेयर ने कहा कि न्यूयॉर्क सभी समुदायों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है और यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि लोग बिना डर के अपने पूजा स्थलों पर जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि शहर विरोध के संवैधानिक अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ नेताओं ने भी जताई नाराजगी
इस घटना पर राज्य और संघीय स्तर के कई प्रमुख नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि हमास एक ऐसा संगठन है जो यहूदियों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे किसी की राजनीतिक सोच कुछ भी हो, इस तरह की भाषा खतरनाक और अस्वीकार्य है।
ओकासियो-कोर्टेज की टिप्पणी
कांग्रेस की वरिष्ठ सदस्य एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने भी इस नारेबाजी को यहूदी विरोधी व्यवहार बताया। उन्होंने कहा कि किसी यहूदी बहुल क्षेत्र में जाकर इस तरह के नारे लगाना बेहद अपमानजनक और चिंताजनक है।
मेयर के पुराने बयानों पर चर्चा
मेयर के पुराने रुख पर फिर चर्चा
इस विवाद के बीच मेयर ममदानी के पिछले बयानों पर भी सवाल उठने लगे हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर में एक टीवी कार्यक्रम के दौरान जब उनसे हमास की निंदा करने को कहा गया था, तब उन्होंने सीधे तौर पर ऐसा करने से बचते हुए बातचीत को अन्य घरेलू मुद्दों की ओर मोड़ दिया था। हालांकि मौजूदा घटना के बाद उनका रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। इस बार उन्होंने खुलकर हमास समर्थक नारों की आलोचना की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बढ़ते दबाव और हालात को देखते हुए उन्होंने स्पष्ट बयान देना जरूरी समझा।
