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पश्चिम एशिया में बुनियादी ढांचे के युद्ध की शुरुआत

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के युद्ध की शुरुआत हो गई है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के B1 पुल पर हमले के जवाब में, ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के प्रमुख पुलों की एक हिट-लिस्ट जारी की है। इस स्थिति में ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनियाँ भी शामिल हैं। जानें इस संघर्ष के पीछे की कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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पश्चिम एशिया में बुनियादी ढांचे के युद्ध की शुरुआत

संघर्ष का नया मोड़

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने अब एक गंभीर 'इंफ्रास्ट्रक्चर वॉर' का रूप ले लिया है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के प्रमुख B1 पुल पर हमले के जवाब में, ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के आठ महत्वपूर्ण पुलों की एक 'हिट-लिस्ट' जारी की है। यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी 'फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी' द्वारा साझा की गई है, जो क्षेत्र में 'जैसे को तैसा' की रणनीति को दर्शाती है। यह घोषणा कराज में B1 पुल पर हुए हमले के बाद आई है, जिसने इस पुल को आंशिक रूप से नष्ट कर दिया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को भविष्य में किसी भी हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो इस संघर्ष के संदर्भ में संभावित प्रतिशोध का संकेत है।


खाड़ी और जॉर्डन के पुलों की सूची

ईरान द्वारा जारी की गई सूची में खाड़ी और जॉर्डन के प्रमुख बुनियादी ढांचे शामिल हैं, जैसे: शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल (कुवैत), शेख जायद पुल (UAE), अल मक़्ता पुल (UAE), शेख खलीफ़ा पुल (UAE), किंग फहद कॉज़वे (सऊदी अरब-बहरीन), किंग हुसैन पुल (जॉर्डन), दामिया पुल (जॉर्डन), और अब्दून पुल (जॉर्डन)। ये सूचियाँ दर्शाती हैं कि ईरान इन परिवहन और आर्थिक केंद्रों को संभावित सौदेबाजी के बिंदुओं के रूप में देख रहा है।


B1 पुल का विनाश

B1 पुल, जो 136 मीटर ऊँचा था और ईरान का सबसे ऊँचा पुल माना जाता था, अभी भी निर्माणाधीन था। यह पुल तेहरान को पश्चिमी कराज से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। हाल ही में हुए हमले ने इस ढांचे को आंशिक रूप से नष्ट कर दिया, जिससे कई लोग घायल हुए। सरकारी टीवी और फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इस हमले में आठ लोगों की मौत और 95 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में पुल के बड़े हिस्से को गिरते हुए देखा जा सकता है।


अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुल से उठते धुएँ का एक वीडियो साझा करते हुए चेतावनी दी कि यदि ईरान बातचीत नहीं करता है, तो उसे और भी विनाश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लिखा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है, जिसका अब कभी भी उपयोग नहीं किया जा सकेगा; अभी तो और भी बहुत कुछ होना बाकी है!"


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नागरिकों और निर्माणाधीन ढांचों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा, "यह केवल एक ऐसे दुश्मन की हार और नैतिक पतन को दर्शाती है, जो पूरी तरह से हताश और बिखरा हुआ है।"