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पाकिस्तान: आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना, नई रिपोर्ट में खुलासा

एक नई रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बताया गया है। कांग्रेस रिसर्च सर्विस द्वारा जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान की राष्ट्रीय कार्य योजना की विफलता और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात की गई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या खुलासे हुए हैं।
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पाकिस्तान: आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना, नई रिपोर्ट में खुलासा

पाकिस्तान में आतंकवाद का बढ़ता खतरा

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान एक बार फिर से आतंकवादियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बनता जा रहा है। कांग्रेस रिसर्च सर्विस (सीआरएस) द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्लामाबाद में सक्रिय आतंकवादी समूह, विशेषकर वे जो भारत, खासकर जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाते हैं, अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए हैं। रिपोर्ट में 25 मार्च, 2026 की तारीख का उल्लेख किया गया है, जिसमें पाकिस्तान और उसकी सेना द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ 'असंगत' कार्रवाई की बात की गई है।


राष्ट्रीय कार्य योजना की विफलता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस्लामाबाद की राष्ट्रीय कार्य योजना, जो सशस्त्र मिलिशियाओं के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान करती है, के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे समूह पाकिस्तान में सक्रिय हैं। लश्कर-ए-तैयबा, जो 1980 के दशक के अंत में स्थापित हुआ था, 1993 से भारत को निशाना बना रहा है। यह समूह पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी हमले करता है और जमात-उद-दावा के मीडिया चैनलों के माध्यम से अपने विचारों का प्रचार करता है।


आतंकवादियों के लिए वित्तीय समर्थन

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान और खाड़ी देशों से चंदा इकट्ठा करता है, विशेषकर ब्रिटेन से, जहां इसे एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है। 2019 में, यह समूह पाकिस्तान में सक्रिय रहा और धन जुटाने में लगा रहा। इसी तरह, जैश-ए-मोहम्मद, जो 2002 में प्रतिबंधित हुआ था, भी पाकिस्तान से अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए है।


पाकिस्तान का आतंकवादियों के प्रति रवैया

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान अन्य क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। इसमें अफगान तालिबान और अन्य समूह शामिल हैं, जो भारत को निशाना बनाते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर और 2008 के मुंबई हमले के प्रमुख साजिद मीर जैसे आतंकवादियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।