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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष: ईद के बाद फिर से शुरू हुए हमले

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष ने एक बार फिर से तेज़ी पकड़ ली है, ईद के बाद सीज फायर समाप्त होने के साथ ही दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के 32 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण का दावा किया है, जबकि तालिबान ने कड़ा जवाब दिया है। जानें इस बढ़ते तनाव के पीछे के कारण और भविष्य में संभावित घटनाक्रम के बारे में।
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष: ईद के बाद फिर से शुरू हुए हमले

संघर्ष की नई शुरुआत

ईद के बाद, डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष फिर से तेज हो गया है। ईद के दौरान जो सीज फायर लागू हुआ था, वह समाप्त हो चुका है, और दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। लगातार गोलाबारी की जा रही है। पाकिस्तान, जो ईरान-अमेरिका युद्ध में मध्यस्थता का दावा कर रहा है, वहीं अफगानिस्तान में निर्दोष लोगों की जान लेने पर तुला हुआ है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने फिर से हमलों की शुरुआत की है और दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के 32 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। यह कब्जा बलूचिस्तान से खैबर पख्तूनख्वा तक फैला हुआ है। 


पाकिस्तानी सेना के दावे

पाकिस्तानी सेना ने यह भी कहा है कि उसने कई स्थानों पर कटीले तार लगाकर नई चौकियां स्थापित की हैं। इसके साथ ही, ड्रोन फुटेज जारी कर यह दावा किया गया है कि उसने पकीतका प्रांत के कुछ हिस्सों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। दूसरी ओर, तालिबान के लड़ाकों ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है, खासकर कुनार-बाजोर सीमा पर स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को निशाना बनाकर। अफगान आर्टिलरी की बमबारी ने पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संघर्ष और भी बढ़ सकता है।


आरोपों का सिलसिला

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगा रहा है कि वहां की जमीन का उपयोग आतंकवादी संगठन करते हैं, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। हालांकि, अफगानिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है और इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताया है। इसके अलावा, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह बार-बार आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले करता है। हालात तब और बिगड़ गए जब पाकिस्तान ने काबुल में एक हमले में 400 से अधिक लोगों की जान ले ली। ईद के दौरान थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब स्थिति फिर से गंभीर हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अफगान सेना जवाबी कार्रवाई में सीमा पार कर सकती है।