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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम: ईद के मौके पर क्या है स्थिति?

ईद-उल-फितर के अवसर पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं है। पाकिस्तान ने हमलों के बीच यह निर्णय लिया है, जबकि अफगानिस्तान ने भी समर्थन किया है। दोनों देशों के बीच तनाव और हाल के हमलों के बाद की स्थिति पर चर्चा की गई है। क्या यह विराम स्थायी होगा? जानें पूरी कहानी में।
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम: ईद के मौके पर क्या है स्थिति?

तनाव में अस्थायी कमी


नई दिल्ली: ईद-उल-फितर के आगमन से पहले, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच का तनाव कुछ समय के लिए कम होता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने हाल के लगातार हमलों और सैकड़ों लोगों की मौत के बीच अचानक संघर्ष विराम की घोषणा की है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं है और फिर से टकराव की संभावना बनी हुई है।


संघर्ष विराम की घोषणा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की कि ईद के अवसर पर सैन्य अभियान को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह कदम सऊदी अरब, तुर्की और कतर जैसे देशों के अनुरोध पर उठाया गया है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब पाकिस्तान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में नए हमले किए थे। इस अभियान को 'गजब-लिल-हक' नाम दिया गया था, जिसे अब कुछ दिनों के लिए स्थगित किया गया है।


विराम की अवधि

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, यह अस्थायी युद्धविराम 18/19 मार्च की आधी रात से शुरू होकर 23/24 मार्च तक लागू रहेगा। हालांकि, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान कोई हमला, ड्रोन गतिविधि या आतंकवादी घटना होती है, तो कार्रवाई तुरंत फिर से शुरू कर दी जाएगी।


अफगानिस्तान का समर्थन

अफगानिस्तान ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। वहां के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि उनकी सुरक्षा एजेंसियां भी ईद के मौके पर अपने अभियानों को रोकेंगी, लेकिन किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगी।


काबुल हमले के बाद की स्थिति

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि उसने एक पुनर्वास अस्पताल को निशाना बनाया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 400 से अधिक लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।


पाकिस्तान का खंडन

पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि हमले केवल आतंकवादी ठिकानों पर किए गए थे, न कि किसी अस्पताल या नागरिक क्षेत्र पर। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।


सामूहिक अंतिम संस्कार

हमले के बाद अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, भारी संख्या में शवों को दफनाने के लिए बुलडोजर की मदद से कब्रें खोदी गईं। यह दृश्य बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला था।


संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UNHCHR) ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा मिलना चाहिए।