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पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति: यूएई के कर्ज का संकट

पाकिस्तान वर्तमान में यूएई से लिए गए कर्ज के भारी बोझ तले दबा हुआ है। उसने सऊदी अरब और कतर से मदद की गुहार लगाई है, जबकि यूएई ने कर्ज की वापसी की मांग की है। 23 अप्रैल 2026 तक उसे 29,000 करोड़ रुपये चुकाने हैं। क्या पाकिस्तान समय पर यह कर्ज चुका पाएगा? जानिए पूरी कहानी में।
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पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति: यूएई के कर्ज का संकट

पाकिस्तान का कर्ज संकट


पाकिस्तान वर्तमान में विभिन्न देशों से लिए गए कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। विशेष रूप से, उसने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। अब यूएई ने तय समय के अनुसार यह राशि वापस मांग ली है।


सहयोगी देशों से मदद की गुहार

पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह यूएई का यह बड़ा कर्ज चुका सके। इस कारण उसने अपने सहयोगी देशों, सऊदी अरब और कतर से सहायता की अपील की है। दोनों देशों ने पाकिस्तान की गंभीर आर्थिक स्थिति को देखते हुए मदद का आश्वासन दिया है।


कर्ज चुकाने की समय सीमा

पाकिस्तान को 23 अप्रैल 2026 तक यूएई के कर्ज की अंतिम किस्त लगभग 29,000 करोड़ रुपये चुकानी है। यदि वह समय पर यह राशि नहीं चुका पाता और सऊदी अरब तथा कतर मदद नहीं करते हैं, तो उसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


आर्थिक मदद का आश्वासन

फिलहाल, सऊदी अरब और कतर ने पाकिस्तान को 46,500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि क्या पाकिस्तान समय पर यूएई का कर्ज चुका पाता है।


यूएई की कर्ज नीति में बदलाव

यूएई की सरकार ने हाल ही में अपने कर्ज रोल ओवर की नीति में बदलाव किया है। इसके चलते पाकिस्तान ने 3.5 अरब डॉलर का कर्ज 23 अप्रैल 2026 तक चुकाने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान के पास यूएई के इस कर्ज को चुकाने के लिए केवल 9 दिन शेष हैं।