पाकिस्तान के एयरबेस पर संदिग्ध ईरानी विमान की तस्वीरें, अमेरिका में चिंता बढ़ी
पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर संदिग्ध गतिविधियाँ
पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस से जुड़ी एक नई जानकारी ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। एक चीनी सेटेलाइट इमेजिंग कंपनी ने एक तस्वीर जारी की है जिसमें एयरबेस पर एक संदिग्ध C130 हरकुलस विमान देखा गया है। यह विमान संभवतः ईरान का हो सकता है। इस खबर के प्रकाश में आने के बाद अमेरिका समेत कई देशों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, ये तस्वीरें अप्रैल 2026 की हैं। नूर खान एयरबेस पर खड़ा यह विमान पाकिस्तान एयरफोर्स के अन्य विमानों से रंग और डिज़ाइन में भिन्न है। इस पर रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए उपयोग होने वाला सैंड कैमोफ्लाज पेंट किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान आमतौर पर ग्रे रंग के सैन्य विमानों का उपयोग करता है, जबकि यह विशेष पैटर्न ईरान की एयरफोर्स के C130 विमानों में देखा जाता है।
क्या पाकिस्तान ईरानी विमानों को छिपा रहा है?
इस स्थिति ने सवाल उठाए हैं कि क्या पाकिस्तान अपने एयरबेस में ईरानी सैन्य विमानों को छिपा रहा है। कुछ अमेरिकी रिपोर्टों में पहले ही यह आशंका जताई गई थी कि पाकिस्तान गुप्त रूप से ईरान को सहायता प्रदान कर रहा है और उसके विमानों को सुरक्षित स्थान दे रहा है। यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग की मुलाकात से पहले इन तस्वीरों का सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चीन की भूमिका और अमेरिका की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने जानबूझकर ये तस्वीरें जारी की हैं ताकि पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया जा सके। यदि यह साबित हो जाता है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर स्थान दिया है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद नकारात्मक हो सकती है। पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक और सैन्य सहायता के लिए अमेरिका पर निर्भर रहा है, और यह खुलासा उसके लिए गंभीर समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। इस मामले पर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
