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पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत के साथ संघर्ष को बताया विचारधाराओं की लड़ाई

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में भारत के साथ हुए संघर्ष को दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई के रूप में पेश किया। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान की रणनीति को भारत की तुलना में बेहतर बताया। इस लेख में जानें कि कैसे पिछले साल की घटनाएँ तनाव का कारण बनीं और दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई कैसे हुई। क्या अमेरिका की भूमिका थी? जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भारत के साथ संघर्ष को बताया विचारधाराओं की लड़ाई

पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख का बयान

पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, ने रविवार को भारत के साथ पिछले वर्ष हुए संघर्ष को 'दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई' के रूप में वर्णित किया। रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में 'मारका-ए-हक' की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पाकिस्तान की रणनीति भारत की तुलना में 'श्रेष्ठ' थी।


22 अप्रैल 2024 को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या के जवाब में, भारत ने 6-7 मई 2024 की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए।


तनाव और सैन्य कार्रवाई

इस कार्रवाई के बाद तनाव में तेजी से वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, लेकिन भारतीय सेना ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच 'हॉटलाइन' पर बातचीत के बाद, 10 मई 2024 को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।


मुनीर ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि भारत ने 6-7 मई की रात और 10 मई के बीच पाकिस्तान की 'संप्रभुता और क्षेत्र का उल्लंघन' किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 'पूर्ण राष्ट्रीय एकता और सैन्य बल' के साथ जवाब दिया।


भारत का जवाब

उन्होंने यह भी कहा, 'मारका-ए-हक केवल दो देशों या सेनाओं के बीच पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि यह वास्तव में दो विचारधाराओं के बीच एक निर्णायक लड़ाई थी।' मुनीर ने यह दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने 26 ठिकानों पर हमले किए, लेकिन उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया।


पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत ने अमेरिका के माध्यम से युद्धविराम की मांग की थी, जिस पर पाकिस्तान ने 'शांति के हित में' सहमति जताई। हालांकि, भारत ने अमेरिका के किसी भी हस्तक्षेप का खंडन किया है और कहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत से बनी थी।