पाकिस्तान में इजराइल-ईरान तनाव के चलते बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
मिडिल ईस्ट में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खमनेई की हत्या के बाद, इजराइल और अमेरिका के हमले ने पूरे क्षेत्र में उथल-पुथल मचा दी है। इस घटना का सबसे गंभीर प्रभाव पाकिस्तान में देखा जा रहा है, जहां कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
कराची में हिंसक प्रदर्शन
कराची में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं, जो अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रदर्शनकारी अमेरिकी काउंसलेट की ओर बढ़ते हुए तोड़फोड़ करने लगे। सुल्तानाबाद से माई कोलाची रोड तक, भीड़ ने आंसू गैस के बावजूद आगे बढ़ना जारी रखा।
सुरक्षा बलों के साथ झड़प
रिपोर्टों के अनुसार, कराची में स्थिति और बिगड़ गई जब अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिससे कई पाकिस्तानियों की जान चली गई। इसके जवाब में, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी हमले शुरू कर दिए।
अन्य शहरों में भी विरोध
कराची में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, लेकिन यह केवल कराची तक सीमित नहीं रहा। लाहौर, इस्लामाबाद और उत्तरी क्षेत्रों में भी खमनेई की मौत के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए हैं।
पीओके में प्रदर्शन
गिलगिट बाल्टिस्तान में भी प्रदर्शन हुए, जहां गुस्साई भीड़ ने कई सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाया। स्कारदू में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय में आग लगा दी, जो यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की सेना कितनी लाचार है।
