पाकिस्तान में हमास के नेता की यात्रा से बढ़ी चिंताएं
पाकिस्तान में हमास के संबंधों पर चिंता
पाकिस्तान पर अमेरिका के दबाव के बीच, यह स्पष्ट नहीं है कि वह गाजा में सेना भेजेगा या नहीं। हालाँकि, हमास के विशेषज्ञ पहले ही पाकिस्तान पहुँच चुके हैं। हमास के नेता खालिद मशाल के विशेष प्रतिनिधि नाजी जहीर को कथित तौर पर पाकिस्तान में देखा गया है। उन्हें पंजाब के गुजरांवाला में लश्कर-ए-तैबा (LeT) के आतंकी शिविर में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस घटना ने हमास और पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के बीच संबंधों को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि यह जहीर की पाकिस्तान की पहली यात्रा नहीं है। 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हमले के बाद उनकी गतिविधियाँ तेज हो गईं।
पाकिस्तान और हमास के बीच संबंध
मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (MEMRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जहीर पहले भी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मुहम्मद (जेईएम) जैसे आतंकवादी संगठनों के नेताओं के साथ मंच साझा कर चुके हैं। अप्रैल 2024 में, जहीर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन में अतिथि के रूप में उपस्थित हुए थे। हाल ही में एक वीडियो में, उन्हें मंच पर चढ़ते हुए और समर्थकों को 'नारा-ए-तकबीर! अल्लाहु अकबर' के नारे लगाते हुए देखा गया। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई गुप्त रूप से हमास के गुर्गों को प्रशिक्षण दे रही है। 7 अक्टूबर के हमलों के बाद, पश्चिमी देश हमास को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान कथित तौर पर इस समूह को शरण, संसाधन और सैन्य जानकारी प्रदान कर रहा है। यह साझेदारी इजरायल और भारत के लिए खतरा उत्पन्न करती है।
जिहाद का संदर्भ
पिछले साल, पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले लश्कर कमांडर अबू मूसा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने गाजा और कश्मीर की तुलना करते हुए कहा था कि जिहाद ही एकमात्र समाधान है। उसने कहा, 'हमें आजादी चाहिए, भीख नहीं। फिलिस्तीन और कश्मीर के दुश्मन हमारे दुश्मन हैं। जब हम इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे, तो कश्मीर में भी ऐसा ही करेंगे।'
