पाकिस्तान में हमास नेता की उपस्थिति: क्या है इसके पीछे का खतरा?
नई दिल्ली में सुरक्षा चिंताएँ बढ़ी
नई दिल्ली : हाल ही में पाकिस्तान से आए एक वीडियो ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस वीडियो में हमास के एक वरिष्ठ नेता को सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए देखा गया है। यह कार्यक्रम पाकिस्तान में आयोजित किया गया था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तत्वों की संलिप्तता का संदेह जताया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क और विदेशी चरमपंथी संगठनों के बीच संभावित गठजोड़ पर सवाल उठाए हैं.
हमास नेता की गतिविधियों पर नजर
हमास नेता की मौजूदगी पर खुफिया एजेंसियों की नजर
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, नाजी जहीर नामक व्यक्ति, जो हमास का एक वरिष्ठ नेता है, हाल ही में पाकिस्तान में कई सार्वजनिक आयोजनों में शामिल हुआ। वीडियो में उसे मंच पर सम्मानित अतिथि के रूप में देखा गया है। एजेंसियों का मानना है कि उसकी उपस्थिति जानबूझकर सार्वजनिक की गई थी ताकि उसके विचारों को फैलाया जा सके.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
नाजी जहीर को विभिन्न आयोजनों में देखा गया
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो और ऑडियो क्लिप्स वायरल हुई हैं, जिनमें नाजी जहीर को विभिन्न आयोजनों में देखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये फुटेज केवल प्रतीकात्मक नहीं हैं, बल्कि आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते तालमेल का संकेत देती हैं.
ड्रोन हमले की साजिश
ड्रोन के जरिए विस्फोट करने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, नाजी जहीर पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में स्थानीय आतंकियों को प्रशिक्षण देने और हमास की युद्ध रणनीतियों को साझा करने में संलग्न है। हाल ही में एक साजिश के तहत ड्रोन के माध्यम से बड़े पैमाने पर विस्फोटक का उपयोग करने की योजना बनाई गई थी, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने समय पर नाकाम कर दिया.
पाकिस्तानी तंत्र की भूमिका पर सवाल
पाकिस्तानी तंत्र की भूमिका पर उठते सवाल
खुफिया सूत्रों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और सेना के कुछ हिस्सों की मौन सहमति हो सकती है. आरोप है कि चरमपंथी विचारधाराओं को धार्मिक आयोजनों के माध्यम से फैलने दिया जा रहा है.
लश्कर और जैश के साथ साझा मंच
लश्कर और जैश के साथ साझा मंच
नाजी जहीर ने जिन कार्यक्रमों में भाग लिया, उनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य भी शामिल थे। यह तथ्य सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को और बढ़ाता है, क्योंकि इससे पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के बीच सहयोग के संकेत मिलते हैं.
हमास और लश्कर के संबंधों पर चिंता
हमास और लश्कर के संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय चिंता
हाल ही में इज़राइल ने भारत से हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने की अपील की थी। इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि हमास और लश्कर-ए-तैयबा के बीच संबंध केवल वैचारिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक स्तर पर भी मजबूत होते दिख रहे हैं.
भारत की भूमिका पर इज़राइल की अपेक्षाएं
भारत की भूमिका को लेकर इज़राइल की अपेक्षाएं
यरुशलम में मीडिया से बातचीत के दौरान इज़राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार को इन आतंकी नेटवर्कों की गहरी समझ है. इज़राइल का मानना है कि भारत का रुख क्षेत्र की सुरक्षा दिशा को प्रभावित कर सकता है.
क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा
बढ़ते गठजोड़ से क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा
पाकिस्तान में हमास से जुड़े नेता की उपस्थिति और स्थानीय आतंकी संगठनों के साथ मंच साझा करना यह दर्शाता है कि चरमपंथी नेटवर्क आपस में मजबूत हो रहे हैं. यह घटनाक्रम भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन रहा है.
