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पाकिस्तानी सेना ने सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर जारी किया बयान

पाकिस्तानी सेना ने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। इस बयान में संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ कहा गया है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी युद्धक क्षमताओं को उन्नत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। बयान में पाकिस्तान वायु सेना की भूमिका और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया है। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
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पाकिस्तानी सेना ने सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर जारी किया बयान

पाकिस्तानी सेना का आधिकारिक बयान

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष की पहली वर्षगांठ पर, पाकिस्तानी सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इस संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ का नाम देते हुए, इसे अपने सैन्य इतिहास का एक "निर्णायक अध्याय" बताया गया है। सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे भविष्य की चुनौतियों और किसी भी प्रकार की आक्रामकता का सामना करने के लिए अपनी युद्धक क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रहे हैं।


संघर्ष का विवरण

पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल भारत के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ नाम दिया है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमले किए गए थे, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, और पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई का जवाब देने के लिए हमले किए, जिनमें से अधिकांश को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था।


संघर्ष विराम की सहमति

दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर बातचीत के बाद, 10 मई को सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति बनी और संघर्ष विराम लागू हुआ। पाकिस्तानी सेना ने ‘रावलपिंडी, 6/7 मई 2026 की मध्यरात्रि’ की तारीख वाले बयान में कहा कि वे बदलते भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं। बयान में कहा गया, ‘‘सामरिक माहौल लगातार बदल रहा है, लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का संकल्प, सतर्कता और प्रतिबद्धता अटूट है।’’


भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी

बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक क्षमताओं, उन्नत प्रौद्योगिकियों और पेशेवर उत्कृष्टता में निवेश कर रहे हैं। वे पहले से कहीं अधिक केंद्रित हैं और देश पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तत्पर हैं। सेना ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हर शत्रुतापूर्ण मंसूबे का जवाब दिया जाएगा, जो पिछले साल चार दिन के संघर्ष के दौरान देखा गया था।


पाकिस्तानी वायु सेना की भूमिका

सेना ने पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पड़ाव ‘‘अत्याधुनिक प्रणालियों को समझदारी से शामिल करने और प्रौद्योगिकियों के त्वरित संचालन के जरिए भविष्य के लिए तैयार वायु शक्ति बनने की पीएएफ की दृढ़ यात्रा को दर्शाता है।’’ बयान में कहा गया, ‘‘पाकिस्तान वायु सेना खुद को भविष्य केंद्रित और सक्षम वायु शक्ति के रूप में लगातार मजबूत कर रही है और आधुनिक हवाई युद्ध की बदलती प्रकृति और मानकों के बीच पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।’’


शांति की प्रतिबद्धता

सेना ने यह भी कहा कि पाकिस्तान एक शांति प्रिय देश है और उसके सशस्त्र बल परिपक्व एवं जिम्मेदार रणनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का हर प्रयास, तैयारी और पहल क्षेत्र में शांति बनाए रखने, स्थिरता को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।