पुंछ में पाकिस्तानी मोर्टार शेल मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल
पुंछ में संदिग्ध मोर्टार शेल की खोज
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पुलस्त्य नदी के किनारे एक संदिग्ध पाकिस्तानी मोर्टार शेल मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह गोला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान द्वारा दागा गया था और यह लंबे समय से बिना फटे इलाके में पड़ा हुआ था। सूचना मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर शेल को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया। यह घटना सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर करती है।
जनरल अनिल चौहान का सैन्य सेवा का समापन
देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान का सैन्य सेवा का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस अवसर पर नई दिल्ली में थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने उन्हें संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। जनरल चौहान ने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने लंबे सैन्य सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं से सम्मानित होकर सेवानिवृत्त होना उनके लिए गर्व का क्षण है। अब लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि इस पद को संभालेंगे।
संघ के प्रचार प्रमुख का विभाजन पर बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि यदि 1947 में संघ की स्थिति मजबूत होती, तो भारत का विभाजन टल सकता था। उन्होंने देश के बंटवारे को इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। आंबेकर ने यह भी कहा कि संघ समाज के सभी वर्गों से संवाद में विश्वास रखता है।
बेंगलुरु में स्कूल में आग लगने की घटना
बेंगलुरु के नागदेवनहल्ली क्षेत्र में एक निजी स्कूल की इमारत में शनिवार सुबह आग लग गई। आग चौथी मंजिल के ऑडिटोरियम से शुरू हुई और कुछ ही समय में धुआं पूरे भवन में फैल गया। राहत की बात यह रही कि सभी छात्रों और कर्मचारियों को समय पर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। यात्रा के दौरान 80,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा की अवधि भी पहले की तुलना में अधिक रखी गई है, जिसके चलते सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुचारु यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
