प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड्स में ऐतिहासिक संबोधन: आपदाओं का दशक और भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वैश्विक परिस्थितियों, भारत की प्रगति और बदलते समय पर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। द हेग, जिसे 'शांति का शहर' कहा जाता है, में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय 'आपदाओं का दशक' बन चुका है, और यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो इसके प्रभाव आने वाले दशकों तक महसूस किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं और शनिवार को नीदरलैंड्स पहुंचे। अपने भाषण में उन्होंने भारत की उपलब्धियों, तकनीकी विकास, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक मंच पर बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन भारतीय संस्कृति और संस्कार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
आपदाओं का दशक
पीएम मोदी ने कहा, 'यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन गया है। यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो यह दशकों तक भारी पड़ सकता है।'
उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में देशों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
भारत की उपलब्धियों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देख रहा है और उन्हें पूरा भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने चंद्रमा पर उस स्थान तक पहुंचकर इतिहास रचा है, जहां कोई अन्य देश पहले नहीं पहुंच सका।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप पर ध्यान
पीएम मोदी ने बताया कि भारत में वर्तमान में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से दो में उत्पादन शुरू हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का संचालन कर रहा है। इसके अलावा, भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और UPI ट्रांजैक्शन के क्षेत्र में भी भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
भारतीय संस्कृति का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भी उनकी नीदरलैंड्स के नेताओं से बातचीत हुई, उन्होंने हमेशा भारतीय समुदाय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'समय बदला, लेकिन संस्कार और अपनापन नहीं बदला।'
इसके साथ ही पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड्स की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है।
