प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा: ऐतिहासिक संबोधन और आतंकवाद पर सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर 25-26 फरवरी को इजरायल की ऐतिहासिक दो दिवसीय यात्रा की। इस यात्रा के दौरान, मोदी ने इजरायल की संसद, नेसेट, को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर एक नया इतिहास रच दिया, जिससे दोनों देशों के बीच के रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिली। उन्होंने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने इजरायल में भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत भी इजरायल की तरह आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी ने नेसेट में अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों की हत्या और आतंकवाद को किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ निरंतर और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि यह शांति के लिए एक बड़ा खतरा है।
मोदी ने कहा कि भारत इस समय इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा किए गए आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा, "हम आपके दर्द को समझते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं।" उन्होंने गाजा में शांति की पहल का समर्थन किया और कहा, "शांति का मार्ग हमेशा सरल नहीं होता, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके साथ है।"
मोदी ने कहा, "मैं 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं और मित्रता का संदेश लेकर आया हूं।" उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच सहयोग का दायरा बढ़ा है और वे कई क्षेत्रों में इस संबंध को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जब मोदी संसद में पहुंचे, तो सांसदों ने खड़े होकर 'मोदी-मोदी' के नारे लगाए और उनके भाषण के दौरान कई बार मेजें थपथपाकर समर्थन किया।
