फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की साइप्रस यात्रा: सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को साइप्रस की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वे राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स और ग्रीक प्रधानमंत्री से मिलेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य साइप्रस के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना और पूर्वी मेडिटेरेनियन क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना है। हाल ही में साइप्रस पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों के बाद, फ्रांस ने अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। इस यात्रा के दौरान, समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता पर भी चर्चा की जाएगी।
| Mar 8, 2026, 18:10 IST
फ्रांस के राष्ट्रपति की साइप्रस यात्रा
सोमवार को, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों साइप्रस का दौरा करेंगे। एलिसी पैलेस के अनुसार, इस यात्रा के दौरान, मैक्रों साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स और ग्रीक प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ के सदस्य देश साइप्रस के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करना और पूर्वी मेडिटेरेनियन क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना है।
ईरानी ड्रोन हमलों के बाद सैन्य तैनाती
पिछले सोमवार को साइप्रस पर ईरान निर्मित ड्रोन और मिसाइलों से हमले हुए थे, जिसके बाद फ्रांस ने अपनी सैन्य ताकत को तुरंत बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने मेडिटेरेनियन क्षेत्र में अपने सबसे बड़े 'चार्ल्स डी गॉल' एयरक्राफ्ट कैरियर को भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, साइप्रस की सुरक्षा के लिए एक युद्धपोत और एयर डिफेंस यूनिट भी तैनात की गई है।
रणनीतिक साझेदारी
फ्रांस और साइप्रस के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी स्थापित है। एलिसी पैलेस ने बताया कि इस यात्रा के दौरान, मैक्रों समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर जोर देंगे। इसमें विशेष रूप से 'लाल सागर' और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा शामिल है, जिसके लिए यूरोपीय संघ का 'एस्पाइड्स मैरीटाइम ऑपरेशन' पहले से ही सक्रिय है।
यूरोपीय संघ की सुरक्षा पर जोर
साइप्रस पर हुए हमलों को फ्रांस ने पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा माना है। मैक्रों का यह दौरा इस बात का संकेत है कि फ्रांस अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए सैन्य कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा। इस बैठक में तीनों नेता भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों और कड़े सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
