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फ्रांस ने इजरायल के अधिकारियों को डिफेंस प्रदर्शनी में शामिल होने से रोका, बढ़ा तनाव

फ्रांस ने पेरिस में होने वाली यूरोसैटरी डिफेंस प्रदर्शनी में इजरायल के अधिकारियों की भागीदारी पर रोक लगा दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इजरायल का कहना है कि यह निर्णय भेदभावपूर्ण है और इसे राजनीतिक कारणों से लिया गया है। इजरायली कंपनियों को केवल एयर डिफेंस सिस्टम प्रदर्शित करने की अनुमति दी गई है, जबकि आक्रामक हथियारों पर रोक है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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फ्रांस ने इजरायल के अधिकारियों को डिफेंस प्रदर्शनी में शामिल होने से रोका, बढ़ा तनाव

फ्रांस का इजरायल पर प्रतिबंध


नई दिल्ली: फ्रांस ने इस महीने पेरिस में आयोजित होने वाली यूरोसैटरी डिफेंस प्रदर्शनी में इजरायल के प्रतिनिधियों की भागीदारी पर रोक लगा दी है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि फ्रांसीसी अधिकारियों ने इजरायली सरकारी प्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण डिफेंस इवेंट में शामिल होने से मना कर दिया है। इसके साथ ही, इजरायल को अपना राष्ट्रीय पवेलियन स्थापित करने की अनुमति भी नहीं दी गई है।


केवल एयर डिफेंस सिस्टम की अनुमति

केवल एयर डिफेंस सिस्टम दिखाने की छूट   


मंत्रालय के अनुसार, इजरायली डिफेंस कंपनियों को केवल एयर डिफेंस सिस्टम प्रदर्शित करने की अनुमति दी जाएगी। आक्रामक हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों को प्रदर्शनी स्थल पर लाने की इजाजत नहीं होगी। यह निर्णय पेरिस और यरुशलम के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है।


हाल ही में, फ्रांस ने इजरायल के सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर के फ्रांसीसी क्षेत्र में प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी। उन्होंने एक वीडियो में गाजा जाने वाले बेड़े के कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाया था, जिन्हें इजरायली सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था।


इजरायल का विरोध

इजरायल ने बताया भेदभावपूर्ण फैसला   


इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के इस कदम की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और भेदभावपूर्ण करार दिया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, मंत्रालय ने इसे "शर्मनाक फैसला" बताया है जो "राजनीतिक और व्यावसायिक हिसाब-किताब" से लिया गया है।


इजरायली अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रतिबंध अन्य देशों पर नहीं लगाए गए हैं जो इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि फ्रांस डिफेंस प्रदर्शनियों के अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन कर रहा है और जानबूझकर इजरायल को निशाना बना रहा है।


मंत्रालय ने फ्रांस के तर्क को खारिज कर दिया कि आक्रामक और रक्षात्मक हथियारों में फर्क किया जा रहा है। इजरायल का कहना है कि उसकी आक्रामक प्रणालियां आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी साबित हुई हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए खतरा हैं।


फ्रांस-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव

पहले भी हो चुका है विवाद   


फ्रांस और इजरायल के बीच तनाव पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहा है। अप्रैल में, इजरायल ने फ्रांस से सभी डिफेंस खरीद रोकने का ऐलान किया था, यह आरोप लगाते हुए कि फ्रांस की कार्रवाइयों से उसके सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचा है।


यरुशलम ने यह भी कहा था कि फ्रांस ने ईरान से जुड़े संघर्ष के दौरान इजरायली विमानों को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोका था। यूरोसैटरी को लेकर यह पहला विवाद नहीं है; 2024 में भी फ्रांस ने इजरायली कंपनियों को रोक दिया था, लेकिन बाद में अपना निर्णय बदल लिया था।


2025 के पेरिस एयर शो में भी इजरायली कंपनियों के स्टॉल के चारों ओर काली दीवारें खड़ी कर दी गई थीं, जहां आक्रामक हथियार रखे गए थे। यूरोसैटरी पेरिस में हर दो साल में होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस और सुरक्षा शो है, जहां देश अपनी सैन्य तकनीक प्रदर्शित करते हैं और बड़े रक्षा सौदे होते हैं।