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बलूचिस्तान में चीन की संभावित सैन्य तैनाती पर मीर यार बलूच की चेतावनी

बलूच नेता मीर यार बलूच ने चीन की बलूचिस्तान में संभावित सैन्य तैनाती को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री को एक खुला पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। बलूचिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के प्रभाव और पाकिस्तान की नीतियों पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति न केवल बलूचिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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बलूचिस्तान में चीन की संभावित सैन्य तैनाती पर मीर यार बलूच की चेतावनी

चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति पर चिंता


नई दिल्ली: पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में बलूचिस्तान से फिर से एक गंभीर चेतावनी आई है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने कहा है कि चीन अगले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है। उन्होंने इस विषय पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक खुला पत्र लिखकर चेतावनी दी है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल बलूचिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।


खुला पत्र और चिंताएँ

मीर यार बलूच ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एस जयशंकर के लिए एक खुला पत्र साझा किया। इस पत्र में उन्होंने बलूचिस्तान की वर्तमान स्थिति, पाकिस्तान की नीतियों और चीन की बढ़ती भूमिका पर गहरी चिंता व्यक्त की। बलूच ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर भारत को इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेना चाहिए।


पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

पत्र में मीर यार बलूच ने पाकिस्तान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग पिछले 79 वर्षों से जबरन कब्जे, राज्य प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, बलूचिस्तान के लोग, जो प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध हैं, बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।


CPEC का प्रभाव

मीर यार बलूच ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को मौजूदा हालात का एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन इस परियोजना को तेजी से अंतिम चरण में ले जा रहे हैं। बलूच नेता के अनुसार, यह परियोजना स्थानीय लोगों की सहमति के बिना बलूचिस्तान की जमीन और संसाधनों पर आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।


सैन्य तैनाती की आशंका

पत्र में सबसे गंभीर चेतावनी चीन की संभावित सैन्य तैनाती को लेकर दी गई है। मीर यार बलूच ने कहा कि यदि बलूचिस्तान की डिफेंस और फ्रीडम फोर्स को नजरअंदाज किया गया, तो चीन कुछ ही महीनों में अपनी सैन्य ताकत को क्षेत्र में तैनात कर सकता है। उनके अनुसार, यह तैनाती सुरक्षा के नाम पर की जा सकती है।


भारत और क्षेत्र के लिए खतरा

मीर यार बलूच ने कहा कि 60 मिलियन बलूच लोगों की इच्छा के खिलाफ बलूचिस्तान में चीनी सैनिकों की उपस्थिति भारत और पूरे क्षेत्र के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने लिखा कि इससे न केवल क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ेगा, बल्कि दक्षिण एशिया में तनाव और अस्थिरता भी बढ़ेगी। उन्होंने भारत से अपील की कि वह इस मुद्दे पर सतर्क रहे और कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाए।