बलूचिस्तान में स्वतंत्रता समर्थक समूहों के हमले की जिम्मेदारी
बलूचिस्तान में स्वतंत्रता समर्थक सशस्त्र समूहों ने हाल ही में नसीराबाद और कच्छी जिलों में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स और यूनाइटेड बलूच आर्मी ने अपने बयानों में इन हमलों के पीछे के कारणों और उनके लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी है। जानें इस मामले में क्या हुआ और समूहों ने क्या चेतावनियाँ दी हैं।
| Apr 6, 2026, 16:14 IST
बलूचिस्तान में हमलों की जिम्मेदारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान के स्वतंत्रता समर्थक सशस्त्र समूहों ने नसीराबाद और कच्छी जिलों में हुए विभिन्न हमलों की जिम्मेदारी ली है।
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने एक बयान में कहा कि उनके समूह ने नसीराबाद के डेरा मुराद जमाली क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से संबंधित मशीनरी पर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि रबी के पास रखे उपकरणों में विस्फोटक लगाए गए थे, जिससे वे नष्ट हो गए।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह मशीनरी बलूचिस्तान में कृषि संसाधनों से जुड़ी सैन्य गतिविधियों में शामिल थी। उन्होंने चेतावनी दी कि समूह अन्य परियोजनाओं को भी निशाना बनाने की योजना बना रहा है और ऐसे प्रोजेक्ट से जुड़े व्यक्तियों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
एक अन्य बयान में, यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) ने 4 अप्रैल को कच्छी जिले के सन्नी इलाके में हुए सशस्त्र हमले की जिम्मेदारी ली। यूबीए के प्रवक्ता मजार बलूच ने कहा कि उनके लड़ाकों ने उन व्यक्तियों पर गोलीबारी की, जिन्हें उन्होंने राज्य समर्थित सशस्त्र समूह के सदस्य के रूप में पहचाना।
बयान में कहा गया है कि इस गोलीबारी में दो लोग मारे गए और उनके हथियार जब्त कर लिए गए। यूबीए प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दोनों का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जुड़े सशस्त्र समूहों के साथ लंबे समय से संबंध था और वे बलूच लड़ाकों की जानकारी साझा करने में शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी। समूह ने राज्य संस्थानों के साथ सहयोग करने वाले अन्य लोगों को भी चेतावनी दी और उनसे इस तरह की संलिप्तता को समाप्त करने का आग्रह किया।
