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बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी खोकन दास की हत्या: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता

बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की हत्या ने अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल पैदा कर दिया है। हाल ही में उनकी मौत के साथ, चार हिंदुओं की जानें जा चुकी हैं। इस घटना ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। जानें कैसे खोकन दास पर हमला हुआ और इसके पीछे की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं क्या हैं।
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बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी खोकन दास की हत्या: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले जारी


नई दिल्ली: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में, 50 वर्षीय व्यापारी खोकन चंद्र दास की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। कुछ दिन पहले उन पर एक क्रूर हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद वे अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे थे। उनकी मौत ने बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल और बढ़ा दिया है।


हिंदुओं की जानें जा रही हैं

अब तक चार हिंदुओं की जा चुकी है जान


खोकन चंद्र दास की मृत्यु के साथ, अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों में जान गंवाने वाले हिंदुओं की संख्या चार हो गई है। इससे पहले दीपू दास, अमृत मंडल और बिजेंद्र बिस्वास की भी हत्या की जा चुकी है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं के बीच भय का माहौल बना दिया है और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।


व्यापार में खोकन दास की पहचान

क्युरबांगा बाजार के व्यापारी थे खोकन दास


खोकन चंद्र दास बांग्लादेश के क्युरबांगा बाजार में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते थे। वे एक मेहनती और शांत व्यापारी के रूप में जाने जाते थे। घटना के दिन, वे रोज की तरह रात में दुकान बंद कर ऑटो से घर लौट रहे थे, उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि रास्ते में उन पर हमला होगा।


हमले का विवरण

रास्ते में रोका गया ऑटो


घर लौटते समय हमलावरों ने उनका ऑटो रोक लिया। इसके बाद उन पर धारदार हथियारों से कई बार वार किए गए। हमलावरों ने खोकन दास के सिर पर पेट्रोल डालकर आग भी लगा दी। जलते हुए शरीर के साथ, उन्होंने किसी तरह पास के तालाब में कूदकर अपनी जान बचाई।


स्थानीय लोगों की मदद

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल


घटना के बाद, आसपास के लोगों ने गंभीर रूप से घायल खोकन दास को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस चुका था। काफी प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज


इस घटना पर पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक इस्लामी भीड़ ने खोकन दास पर हमला किया। पोस्ट में यह भी कहा गया कि यह घटना पिछले साल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की याद दिलाती है, जहां दो हिंदुओं की हत्या कर दी गई थी। बयान में बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की गई।


परिवार में शोक

परिवार में मातम


खोकन दास की पत्नी सीमा दास ने अपने पति की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके पति की किसी से दुश्मनी नहीं थी और वे समझ नहीं पा रही हैं कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल


बांग्लादेश में चुनाव नजदीक आने के साथ ही हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ती दिख रही हैं। राजनीतिक अस्थिरता के बीच, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खोकन चंद्र दास की मृत्यु ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय कब तक डर के साए में जीने को मजबूर रहेगा।