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ब्रिटिश नेता ने ट्रंप की विदेश नीति पर कड़ी टिप्पणी की, क्या अमेरिका-यूरोप संबंधों में आएगा और तनाव?

ब्रिटेन के लिबरल डेमोक्रेट नेता एड डेवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय गुंडा और अमेरिका का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति बताया, यह कहते हुए कि उनकी नीतियों ने अमेरिका और यूरोप के बीच के संबंधों को कमजोर कर दिया है। डेवी ने ट्रंप की धमकाने वाली नीतियों और ग्रीनलैंड के संभावित अधिग्रहण पर चिंता जताई। इसके अलावा, उन्होंने ट्रंप के रवैये को रूस और चीन के लिए फायदेमंद बताया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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ब्रिटिश नेता ने ट्रंप की विदेश नीति पर कड़ी टिप्पणी की, क्या अमेरिका-यूरोप संबंधों में आएगा और तनाव?

ब्रिटेन में ट्रंप की नीतियों की आलोचना


नई दिल्ली: ब्रिटेन की संसद में लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के प्रमुख एड डेवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति की तीखी आलोचना की। उन्होंने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय गुंडा, दंभपूर्ण और अमेरिका का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति करार दिया, यह कहते हुए कि उनकी नीतियों ने अमेरिका और यूरोप के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को लगभग नष्ट कर दिया है।


ट्रंप की धमकाने वाली नीतियां

डेवी ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय सहयोगियों को धमकाने वाली नीतियों को अपनाया है, विशेषकर व्यापार शुल्क और ग्रीनलैंड के संभावित अमेरिकी अधिग्रहण के संदर्भ में। उन्होंने कहा कि ट्रंप की कार्रवाइयां सहयोग के बजाय जबरदस्ती पर आधारित हैं और वे किसी भी सहयोगी देश की संप्रभुता को चुनौती देने में संकोच नहीं करते।


अमेरिका-यूरोप संबंधों में बढ़ता तनाव

डेवी ने चेतावनी दी कि ट्रंप का यह रवैया न केवल सहयोगियों के लिए खतरा है, बल्कि अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों, रूस और चीन, को भी लाभ पहुंचा रहा है। उनके अनुसार, “उनका समर्थन करने वाले केवल व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग हैं।” उन्होंने ब्रिटेन की पूर्व और वर्तमान सरकारों पर ट्रंप को खुश करने और उनकी नीतियों के सामने झुकने का आरोप लगाया।


ग्रीनलैंड और यूरोप में विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने ब्रिटेन सहित आठ यूरोपीय देशों पर 10-25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। ये शुल्क उन देशों के खिलाफ हैं जिन्होंने ग्रीनलैंड के अमेरिकी अधिग्रहण के प्रस्ताव का विरोध किया। ट्रंप ने चीन और रूस के संभावित खतरों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका को इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।


इसके अलावा, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड में अमेरिकी ध्वज की तस्वीरें और नक्शे साझा किए, जिनमें ग्रीनलैंड और कनाडा को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया। इससे यूरोपीय नेताओं में असंतोष बढ़ गया।


फ्रांस के साथ विवाद

ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ भी विवाद खड़ा किया। उन्होंने फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200% तक का भारी शुल्क लगाने की धमकी दी, ताकि मैक्रोन उनकी “बोर्ड ऑफ पीस” पहल में शामिल हों। फ्रांसीसी मंत्री एनी जेनेवार्ड ने इसे क्रूर रणनीति और ब्लैकमेल का हथियार बताया और कहा कि यूरोप इस तरह के तनाव को बर्दाश्त नहीं कर सकता।


वैश्विक राजनयिक माहौल पर प्रभाव

एड डेवी ने कहा कि ट्रंप की नीतियों ने वैश्विक राजनयिक माहौल को गंभीर बना दिया है। सहयोग के बजाय दबाव और धमकी पर आधारित अमेरिकी नीतियां विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए चुनौती बन गई हैं। उनका कहना था कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से न केवल अमेरिका-यूरोप रिश्ते कमजोर हुए हैं, बल्कि वैश्विक स्थिरता पर भी संकट मंडरा रहा है।