भारत-अफ्रीका फोरम समिट स्थगित, इबोला वायरस का बढ़ता खतरा
इबोला वायरस का फैलाव और समिट का स्थगन
अफ्रीका में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है, जिसके चलते भारत और अफ्रीकी संघ के बीच प्रस्तावित भारत-अफ्रीका फोरम समिट को टाल दिया गया है। यह सम्मेलन 28 से 31 मई के बीच नई दिल्ली में आयोजित होने वाला था, जिसमें कई अफ्रीकी देशों के प्रमुख नेता शामिल होने वाले थे।
विदेश मंत्रालय का बयान
भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ चर्चा के बाद समिट की नई तारीख का निर्धारण बाद में किया जाएगा। हालांकि, मंत्रालय ने इबोला वायरस का नाम नहीं लिया, लेकिन अफ्रीका में बढ़ते संक्रमण को इस निर्णय का मुख्य कारण माना जा रहा है।
सम्मेलन का महत्व
यह शिखर सम्मेलन भारत और अफ्रीकी देशों के बीच द्विपक्षीय और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। कई अफ्रीकी राष्ट्रपतियों और शीर्ष नेताओं ने इस सम्मेलन में भाग लेने की पुष्टि की थी। भारत इस अवसर का उपयोग अफ्रीका के साथ व्यापार, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास साझेदारी के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश करने के लिए करना चाहता था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य संकट पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और अफ्रीकी संघ दोनों ने इस स्वास्थ्य संकट के प्रति चिंता व्यक्त की है। दोनों पक्षों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया है। भारत ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह 'अफ्रीका CDC' (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) की राहत प्रयासों में हर संभव तकनीकी और चिकित्सा सहायता प्रदान करेगा।
पिछला सम्मेलन और भारत की उपस्थिति
यह ध्यान देने योग्य है कि पिछला भारत-अफ्रीका सम्मेलन अक्टूबर 2015 में दिल्ली में आयोजित हुआ था। इसके बाद से भारत ने अफ्रीका में अपनी उपस्थिति को लगातार बढ़ाया है, जिसमें 17 नए भारतीय दूतावास खोले गए हैं, जिससे अफ्रीका में भारत के कुल मिशनों की संख्या 46 हो गई है।
कांगो में इबोला का प्रकोप
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इस समय इबोला वायरस का गंभीर प्रकोप देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 136 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण को रोकने के लिए निगरानी और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
