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भारत और अमेरिका के बीच तेल खरीद में विविधता लाने की दिशा में कदम

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि नई दिल्ली तेल के विकल्पों में विविधता लाने के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और वेनेजुएला से तेल खरीदने की बातचीत चल रही है। इसके अलावा, भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसमें टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इस समझौते के पीछे अमेरिका का उद्देश्य रूस से तेल खरीद को समाप्त करना है।
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भारत में अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी

भारत में हाल ही में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली तेल के विकल्पों को विविधता देने के लिए प्रयासरत है। यह बयान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा के बाद आया है, जिसमें भारत ने रूस से तेल की खरीद को कम करने का निर्णय लिया है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने रॉयटर्स को बताया कि भारत अपने विकल्पों में विविधता लाने के लिए प्रयास कर रहा है और वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए बातचीत चल रही है। गोर ने कहा कि तेल के मुद्दे पर एक समझौता हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने तेल के क्षेत्र में विविधता लाने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह केवल भारत के लिए नहीं है, अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी रूसी तेल खरीदे। राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर स्पष्टता दी है कि वे इस युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं। इसलिए जो भी इस संघर्ष में शामिल है, राष्ट्रपति चाहते हैं कि उसका अंत हो, ताकि शांति स्थापित हो सके।


भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों ने एक "ऐतिहासिक" व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी, 2026 को की थी।


भारत की वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की योजना

अपने सोशल मीडिया पोस्ट और व्हाइट हाउस के एक बयान में ट्रंप ने कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद को कम करने और पूरी तरह से बंद करने पर सहमति जताई है। हालांकि, भारत ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन नई दिल्ली ने यह संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला से तेल सहित अन्य आयात बढ़ाने पर विचार कर रही है।